हरियाणा विधानसभा में यौन-शोषण करने का मुद्दा गरमाया,18 साल के मामलों की होगी जांच
Chandigarh: हरियाणा विधानसभा के 3 दिन चले शीतकालीन सत्र में उचाना के शासकीय स्कूल के प्राचार्य द्वारा छात्राओं का यौन शोषण करने का मुद्दा गरमाया रहा। राज्य पुलिस आरोपी प्रिंसिपल को बर्खास्त करके जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है, किंतु भविष्य में किसी भी स्कूल में ऐसी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए राज्य सरकार ने विधानसभा में गठित 5 सदस्यीय कमेटी को पूरी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक हरियाणा सरकार की यह कमेटी राज्य के सभी स्कूलों में यौन उत्पीड़न के 2005 से अब 2023 तक पूर्व में लगे आरोपों की जांच करेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर को इस कमेटी के चेयरमैन बनाया गया हैं। आरोपी प्रिंसिपल को लेकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के बीच सदन में टकराहट देखने मिली। ज्ञात हो की उचाना डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का निर्वाचन क्षेत्र है।
हरियाणा विधानसभा में जब झज्जर से कांग्रेस एमएलए भुक्कल ने यह मामला उठाया, तो दुष्यंत ने उन पर ही सवाल उठा दिए। बहस बेहद लंबी चली। विधानसभा सत्र के तीनों दिवसों में इस मुद्दे पर जमकर तनातनी और आरोपबाजी हुई। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला इस बात पर अड़े रहे कि आरोपी प्रिंसिपल पर 2005 और 2011 में भी ऐसे आरोप लगाए थे, तब गीता भुक्कल ने उसे बचाने का कार्य कर रही थी।
हालाकिं उन्होंने साल 2011 के स्थान पर 2012 संशोधित किया। वहीं घटना के संबंध में लाए गए ध्यानाकर्षण पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सीटिंग जज से जांच करवाने की बात पर मंजूरी बनी थी, लेकिन कुछ सदस्यों खासकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि विधानसभा का मुद्दा विधानसभा में रहना चाहिए।
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