करनाल: पुलिस-फोर्स के घेरे में किसान आंदोलनकारी, हरियाणा सरकार ने इंटरनेट बैन किया
करनाल। हरियाणा के करनाल जिले में जुटे किसान प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने भारी तादाद में पुलिस-फोर्स तैनात की हुई है। जगह जगह निगरानी रखी जा रही है। इसी के साथ मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इस बारे में जनसंपर्क एवं सूचना विभाग ने जानकारी दी। विभाग के अनुसार, करनाल में किसानों के आंदोलन के मद्देनजर, "गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए" मोबाइल इंटरनेट व एसएमएस सेवाएं बाधित कर दी गई हैं, जिसे आज रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहने का आदेश दिया गया है।

सीसीटीएनएस: देश में पहले नंबर पर हरियाणा
प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि, आंदोलनकारियों के संभावित उपद्रव से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस-बल की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि, सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से एतराज नहीं है, लेकिन कानून से खिलवाड़ किया गया तो कार्रवाई होगी। विज ने हरियाणा पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि, हमारे पुलिस-रिकॉर्ड ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। जिसकी बदौलत हरियाणा ने क्राइम एंड क्रिमिनल टै्रकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) प्रणाली में शत-प्रतिशत अंकों के साथ देशभर में दोबारा प्रथम स्थान हासिल किया है। इसके लिए विज ने पुलिस महानिदेशक पी. के. अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (दूरसंचार व आईटी) ए.एस. चावला सहित पूरे पुलिस विभाग को बधाई व शुभकामनाएं दीं। गौरतलब हो कि, यह दूसरी बार है जब हरियाणा पुलिस ने इस प्रणाली के तहत 100% अंकों के साथ देश में पहला स्थान हासिल किया है। जबकि हिमाचल ने 99.6% अंकों के साथ दूसरा और कर्नाटक ने 99.3% अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। गुजरात 99% स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहा है।

हरियाणा पुलिस की उपलब्धि के बारे में बताते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, (दूरसंचार और आईटी) ए. एस. चावला ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रगति डैशबोर्ड पर एकीकृत अपराध और आपराधिक नेटवर्किंग और प्रणालियों की समीक्षा तथा निगरानी नियमित अंतराल पर प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न मापदंडों जैसे राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों की कनेक्टिविटी, पुलिस स्टेशनों में कंप्यूटर सिस्टम की उपलब्धता, नागरिक सेवाओं का निपटान, पुलिस अधिकारियों का प्रशिक्षण, सिस्टम पर पुलिस स्टेशनों द्वारा कार्य करना, पुराने डेटा की डिजिटाइजेशन और सिस्टम में उपलब्धता, गिरफ्तार और लापता व्यक्तियों की तस्वीरों का सीसीटीएनएस में इन्द्राज और सिस्टम से तैयार चालानों को अदालतों में जमा करना आदि के लिए की जाती है। उन्होंने कहा कि, हमारे प्रदेश ने फिर से जुलाई, 2021 के लिए प्रगति डैशबोर्ड के सभी निर्धारित मापदंडों में 100% मार्क्स पाकर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि, डीएसपी पवन कुमार, एसआई राजेश कुमार और अन्य की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो प्रगति डैशबोर्ड के सभी मापदंडों पर चैबीसों घंटे फील्ड इकाइयों द्वारा किए गए कार्यों की लगातार निगरानी करती है।













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