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हरियाणा का पहला एग्जिट पोल जारी, जानिए किस पार्टी को मिल रही हैं कितनी सीटें

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नई दिल्ली। हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। मतदान के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की निगाहें 24 अक्टूबर को घोषित होने वाले चुनाव नतीजों पर लगी हैं। 24 अक्टूबर को चुनाव नतीजों के साथ ही तय हो जाएगा कि हरियाणा के अगले सीएम का ताज किसके सिर सजेगा। हरियाणा में सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चला और लोगों ने जमकर वोटिंग में हिस्सा लिया। हालांकि चुनाव नतीजों से पहले ही एग्जिट पोल के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। एबीपी न्यूज सी वोटर सर्वे ने हरियाणा की सीटों को लेकर एक्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए हैं। आइए जानते हैं कि हरियाणा में अगली सरकार किस पार्टी की बनने जा रही है।

हरियाणा में कांग्रेस को मिलेंगी कितनी सीटें

हरियाणा में कांग्रेस को मिलेंगी कितनी सीटें

एबीपी न्यूज सी वोटर सर्वे के एग्जिट पोल के मुताबिक, 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में एक बार फिर कमल खिलता हुआ नजर आ रहा है। एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी के खाते में 72 सीटें जा सकती हैं। यानी भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाती हुई दिख रही है। वहीं, कांग्रेस पार्टी महज 8 सीटों पर सिमटती हुई नजर आ रही है। विधानसभा की 10 सीटें अन्य दलों के खाते में जा सकती हैं। यानी कांग्रेस इस चुनाव में बेहद पिछड़ती हुई दिख रही है। एग्जिट पोल के ये आंकड़े दोपहर 3 बजे तक की वोटिंग के आधार पर लिए गए हैं।

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हरियाणा में फिर से खट्टर सरकार

हरियाणा में फिर से खट्टर सरकार

वोट शेयर की अगर बात करें तो हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी को 44 फीसदी वोट शेयर मिलता हुआ नजर आ रहा है। वहीं कांग्रेस के खाते में महज 28 फीसदी ही वोट शेयर जा सकता है। दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के खाते में 17 फीसदी और अन्य के खाते में 11 फीसदी वोट शेयर जाता हुआ नजर आ रहा है। यानी एग्जिट पोल के नतीजों को अगर देखें तो हरियाणा में एक बार फिर भाजपा मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में सरकार बना सकती है। वहीं, एग्जिट पोल के सर्वे को नकारते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस हरियाणा में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।

2014 में 47 सीटें जीती थी भाजपा

2014 में 47 सीटें जीती थी भाजपा

आपको बता दें कि इससे पहले 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस के खाते में महज 15 सीटें ही गई थीं। इस चुनाव में इंडियन नेशनल लोकदल को 19 सीटें मिलीं थी। चुनाव नतीजों के बाद भाजपा ने अकेले अपने दम पर बहुमत हासिल किया और मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में सरकार बनाई। इससे पहले राज्य में लगातार 10 साल कांग्रेस की सरकार रही। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी हरियाणा में भाजपा ने ही जीत का परचम लहराया और प्रदेश की सभी 10 सीटों पर जीत हासिल की।

गुटबाजी से जूझ रही है कांग्रेस

गुटबाजी से जूझ रही है कांग्रेस

गौरतल है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद हरियाणा में कांग्रेस लगातार गुटबाजी से जूझ रही है। इस गुटबाजी से निपटने के लिए हाल ही में कुमारी शैलजा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे अशोक तंवर ने कांग्रेस पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा चुनावों में अशोक तंवर ने जननायक जनता पार्टी का समर्थन किया। भाजपा, कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी के अलावा ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल भी चुनाव मैदान में थी।

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English summary
Haryana Election Exit Poll Results 2019 ABP C Voter Survey.
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