Haryana Chunav 2024: हरियाणा चुनाव में INC जीती तो CM कौन होगा? कांग्रेस नेता सप्पल ने बताया प्लान
Who will Hatryana New CM If Congress wins: हरियाणा में 5 अक्टूबर को मतदान होगा। 8 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। इस बार अगर हरियाणा में कांग्रेस का जादू चला और 10 साल सत्ता हाथ में आई तो मुख्यमंत्री कौन होगा? कांग्रेस अपने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस बार भी मौका देगी या सिरसा सांसद कुमारी शैलजा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाल या फिर कोई चौथा कांग्रेसी सीएम बनेगा?
वन इंडिया से बातचीत में कांग्रेस CWC सदस्य व प्रवक्ता कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने हरियाणा, जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 से जुड़े कई सवालों के जवाब बेबाकी से दिए हैं।

गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि कांग्रेस को दोनों राज्यों में सरकार बनाने की उम्मीद है। हरियाणा में तो कांग्रेस की लहर चल रही है। इस बार कांग्रेस को दो तिहाई से ज्यादा बहुमत मिलने वाला है। जम्मू कश्मीर में एनसी के साथ मिलकर कांग्रेस सरकार बनाने जा रही है।
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सवाल- हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी है?
जवाब- कांग्रेस पार्टी में हमेशा से ताकतवर नेता रहते हैं। पार्टी का पूरा ढांचा लोकतांत्रिक है। भाजपा की तरह ऐसा नहीं होता कि एक आदमी ने सूचना दी और सबका सोचना बंद हो जाए। आरएसएस में नियम है कि सूचना मिली और सोचना बंद।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस नेता एकजुट हैं। शुरुआत में लोगों ने बातें उठाई हैं। ऐसी बातें आपने कर्नाटक, तेलंगाना व हिमाचल में भी सुनी थी। मगर सबकुछ ठीक है। कहीं कुछ देखने को नहीं मिला। हरियाणा में पूरा चुनाव अच्छे से चल रहा है। सत्ता को लेकर कोई मतभेद नहीं हैं। भाजपा कहीं-कहीं विभाजन करती है। हिमाचल में जनता ने भाजपा को जवाब दे दिया।
यूपी में योगी और केंद्रीय नेताओं के बीच लड़ाई है। इसी तरह की लड़ाई भाजपा में राजस्थान और मध्य प्रदेश में चल रही है। भाजपा बड़े विवादों में मीडिया को चुप करवा देती है।
सवाल- हरियाणा में हुड्डा सीएम फेस हैं?
जवाब- कांग्रेस का सिस्टम पूरी तरह से साफ है। चुनाव हो जाता है तो विधायक दल की बैठक होती है। उसके आधार पर आलाकमान निर्णय लेता है। कांग्रेस अध्यक्ष इस बात का फैसला करते हैं।
सवाल- जम्मू-कश्मीर की घाटी में भाजपा पर्दे के पीछे खेल करेगी?
जवाब- पर्दे के पीछे क्यों? सबको पता है कि घाटी में भाजपा की बी टीम सक्रिय है। राशिद इंजीनियर व छोटी पार्टियों को लेकर ताना-बाना बुना गया है। सबकुछ केंद्र सरकार के इशारों पर हुआ है। कोर्ट, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग समान है, मगर तब अरेस्ट सीएम को चुनाव प्रचार की छूट नहीं मिली जबकि जम्मू कश्मीर में अरेस्ट एमपी चुनाव लड़ने व प्रचार की छूट मिली।












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