देश का पहला आयुष विश्वविद्यालय हरियाणा में खुला, CM बोले- अब यहां 407 आयुष औषधालयों में वेलनैस सेंटर
चंडीगढ़। हरियाणा में देश का पहला आयुष विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज बताया कि, प्रदेश में 407 आयुष औषधालयों में वेलनेस सेंटर भी खोले गए हैं। योग के लिए सरकार ने हरियाणा योग आयोग का गठन किया है। राज्यभर में इस साल गांवों में 1 हजार योग-व्यायामशालाएं स्थापित की जा रही हैं। जिनमें से 500 से ज्यादा तैयार भी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारे आयुष विभाग की बहुत-सी योजनाएं चल रही हैं, ताकि लोगों को स्वस्थ एवं तंदरुस्त रखा जा सके।

10वीं तक के पाठयक्रम में शामिल किया योग
योग दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, योग हर व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बने, इसके लिए पहली से 10वीं तक के विद्यार्थियों के पाठयक्रम में योग को इसी वर्ष से शामिल किया गया है। इस मौके पर हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयबीर आर्य ने मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में योगाभ्यास करवाया, जिसका प्रदेशभर में सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योग को गांव-गांव पहुंचाने के लिए सरकार योग-व्यायामशालाएं स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि, हमारे जीवन को पानी व ऑक्सीजन की तरह ही योग की आवश्यकता है। बचपन से ही योग हमारे जीवन का अभिन्न अंग बने और इसका नित्य अभ्यास किया जाए, ताकि हर नागरिक स्वस्थ रहे।
30 करोड़ से तैयार हुआ सुभाष पार्क
राज्य के अंबाला में लोगों के लिए 30 करोड़ के खर्चे से सुभाष पार्क तैयार कराया गया है। हालांकि, आज अंतरराष्ट्रीय याेग दिवस पर यहां 50 रजिस्टर्ड लाेग ही योगा करने आए। एक अधिकारी ने बताया कि, सुभाष पार्क के नजदीक योगशाला में भी कार्यक्रम हो रहे हैं। वहां मुख्य हाॅल में 100 साधकों के साथ योग करने की सुविधा है।
हालांकि, अभी कोरोना के चलते हॉल में केवल 30 लोगों को ही योग करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए आयुष विभाग ने रजिस्ट्रेशन कराए। वैसे पता चला है कि, उक्त योगशाला में 800 से ज्यादा सदस्य रजिस्टर्ड हैं, जो कि लॉकडाउन से पहले अलग-अलग शिफ्टों में योग-अभ्यास कर रहे थे।
योग दिवस पर कराए गए योग
प्रदेश में आज योग दिवस के मौके पर कई स्थानों पर योग विद्यार्थियों ने योग की विभिन्न कठिन मुद्राओं का शिवस्तोत्र की धुन पर प्रदर्शन किया। इस दौरान हल्के व्यायाम के बाद कपालभाति, अनुलोम-विलोम, शीतली प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम के साथ ही वज्रासन, अद्र्वचक्रासन, ताड़ासन, त्रिकोण आसन्न, भद्रासन, अद्र्व उष्ट्रासन, अद्र्व मण्डुकासन, शशक आसन, मक्रासन, भुजंग आसन, शलभासन, अद्र्वहलासन, पवन मुक्तासन आदि का अभ्यास करवाया गया।












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