Gurugram Wall Collapse: गुरुग्राम में बड़ा हादसा, सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी में दीवार गिरने से 7 मजदूरों की मौत
Gurugram Wall Collapse: हरियाणा के गुरुग्राम जिले में मंगलवार 10 मार्च को दर्दनाक हादसा हो गया। पटौदी-बिलासपुर रोड पर स्थित सिधरावली इलाके में 'सिग्नेचर ग्लोबल' सोसाइटी के एक निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में विशाल दीवार गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई।
मलबे में दबने से कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज राजस्थान के भिवाड़ी स्थित अस्पताल में चल रहा है।

Signature Global Society Accident: कैसे हुआ हादसा?
अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार रात करीब 8:00 बजे हुई। सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए बेसमेंट की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान एक निर्माणाधीन कंक्रीट रिटेंशन दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई।
दीवार गिरने से बेसमेंट में बड़े पैमाने पर मिट्टी धंस गई, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे 12 से 15 मजदूर आ गए। मलबे के नीचे दबे मजदूरों को निकालने के लिए तुरंत स्थानीय लोगों और वहां मौजूद अन्य श्रमिकों ने बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही बिलासपुर थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। मिट्टी और भारी मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली गई।
मृतकों और घायलों की पहचान
हादसे के बाद घायल मजदूरों को तुरंत नजदीकी भिवाड़ी (राजस्थान) के जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनमें से सात को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान सतीश, भागीरथ, मिलन, शिव शंकर, मंगल और परमेश्वर के रूप में हुई है। (सातवें मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है)।
डॉक्टरों के मुताबिक, शुरुआती जांच में मौत का कारण दम घुटना (Asphyxiation) लग रहा है। हादसे में छोटेलाल, दीनदयाल, शिवकांत और इंद्रजीत की हालत नाजुक बनी हुई है। वे अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं। मृतक और घायल मजदूर मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो मानेसर और आसपास के इलाकों में रहकर मजदूरी करते थे।
बिल्डर की साइट पर बाउंसर तैनात, जांच शुरू
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और शोक का माहौल है। आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद बिल्डर प्रबंधन ने सोसाइटी के मुख्य गेट पर भारी संख्या में बाउंसर तैनात कर दिए, जिससे मीडिया और बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने की कोशिश की गई। पुलिस को घटना की सूचना भी देरी से मिलने की बात सामने आ रही है।
पुलिस और प्रशासन का रुख
गुरुग्राम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच की जा रही है कि क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) की अनदेखी की गई थी। यदि लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार और बिल्डर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर के हाई-राइज प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बेसमेंट की गहरी खुदाई के दौरान मिट्टी को रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।












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