ब्लैक फंगस के 15000 इंजेक्शन का ऑर्डर लेने वाली कंपनी का अब सप्लाई से इनकार, अधर में अटकी सरकार
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने ब्लैक फंगस रोग के उपचार हेतु एंफोटेरिसिन-B के 15 हजार इंजेक्शन के लिए जिस कंपनी को ऑर्डर दिया था, उससे अब झटका लगा है। उस कंपनी ने इंजेक्शन सप्लाई करने से इनकार कर दिया है। उसने कहा है कि, अब केंद्र के नियमानुसार ही इंजेक्शन सप्लाई करेगी। ऐसे में ब्लैक फंगस से निपटने के लिए प्रदेश सरकार की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश सरकार अब इंजेक्शन के लिए केंद्र सरकार पर निर्भर है।

राज्य सरकार की तैयारियों को लगा झटका
ज्ञातव्य हो कि, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग ने ग्लोबल टेंडर के जरिए एम्फोटेरिसिन-बी के 15 हजार इंजेक्शन का ऑर्डर दिया था। विज ने शीघ्र सप्लाई शुरू होने की उम्मीद जताते हुए कहा था कि, हमें जल्द इंजेक्शन मिल सकते हैं। उन्होंने बताया था कि टेंडर में केवल एक ही कंपनी ने हिस्सा लिया था, तो हालात को देखते हुए नियमों में ढील देकर उसे ही इंजेक्शन का आर्डर किया गया। सूत्रों के मुताबिक, यह ऑर्डर सीरम कंपनी को दिया गया था। उस कंपनी के आवेदन से प्रदेश में ब्लैक फंगस के रोगियों की स्थिति सुधरने की उम्मीद बंधी थी, वह अब टूट गई है।
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27 मई को जारी किया था ग्लोबल टेंडर
अब तक माना जा रहा था कि, नियमों के मुताबिक कंपनी को ऑर्डर के 15 दिन के अंदर-अंदर दवा की सप्लाई शुरू करनी होगी और कुल 45 दिनों में पूरी सप्लाई देनी होगी। वहीं, सरकार ने भी तत्काल दवा मांगी थी। सरकार ने ब्लैक फंगस की दवा की कमी को देखते हुए 27 मई को ग्लोबल टेंडर जारी किया था। चिंता की बड़ी बात यह है कि, फिलहाल देश में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन का उत्पादन बहुत कम संख्या में हो रहा है, इसीलिए केंद्र सरकार ने इंजेक्शन का अलाॅटमेंट अपने अधीन किया हुआ है।

अब तक 1273 मरीज मिल चुके, 124 मौतें
स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में अब तक ब्लैक फंगस के 1273 मरीज मिल चुके हैं। जिनमें से 124 की जान चली गई। बताया गया है कि, प्रदेश में 925 मरीज अस्पतालों में भर्ती है। जिनमें से 500 से ज्यादा मरीज रोहतक-हिसार में भर्ती हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा 300 मरीजों का रोहतक में और 201 मरीजों का हिसार में इलाज चल रहा है। वहीं, गुरुग्राम में 187, पानीपत में 58, फरीदाबाद में 46, करनाल में 38 और नूंह में 33 मरीजों का इलाज चल रहा है।












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