हरियाणा के पूर्व CM ओमप्रकाश चौटाला आज होंगे तिहाड़ जेल से रिहा, बैन हटवाने की अपील करेंगे
गुड़गांव। हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला आज रिहा हो रहे हैं। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी ने बताया कि, चौटाला अपनी रिहाई के लिए तिहाड़ जेल पहुंचेंगे। जहां वह कागजी कार्यवाही पूरी कर रिहाई के फार्म पर हस्ताक्षर करेंगे। उसके बाद अपने निवास स्थल गुड़गांव लौटेंगे। इस दौरान उनके पौत्र कर्ण चौटाला उनकी देखरेख करेंगे। इनेलो समर्थकों का कहना है कि, कर्ण चौटाला अब ओम प्रकाश चौटाला के सारथी बनकर रहेंगे।

फिर से सक्रिय होंगे सियासत में
चौटाला के करीबियों के मुताबिक, तिहाड़ से रिहाई के बाद ओम प्रकाश चौटाला चुनाव आयोग के पास चुनाव लड़ने के 6 साल के प्रतिबंध को हटवाने की अपील करेंगे। ऐसे में उनके चुनाव लड़ने की चर्चा भी तेज हो गई हैं। वहीं, कहा यह भी जा रहा है कि, वह आगामी उपचुनाव में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, समर्थकों में चर्चा हो रही है कि, वे किसान आंदोलन में भी शामिल हो सकते हैं और आंदोलन के जरिए फिर से सियासत में सक्रिय हो सकते हैं।

विधानसभा के 5 बार सदस्य रह चुके
इंडियन नेशनल लोकदल के सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ही हैं। वह पांच बार (1970, 1990, 1993, 1996 और 2000) हरियाणा विधान सभा के सदस्य रह चुके हैं। साल 1989 में वह पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उसके बाद वर्ष 1990, 1991 और 1999 में भी वह मुख्यमंत्री बने। चौटाला का जन्म 1 जनवरी, 1935 को सिरसा, हरियाणा के एक छोटे से गांव में हुआ था और उनकी शिक्षा-दीक्षा उनके गृहनगर में ही हुई थी। वह पूर्व उप मुख्यमंत्री चौधरी देवी लाल के बेटे हैं। एक दौर में, चौधरी देवी लाल ने हरियाणा संघर्ष समिति की मुहिम में हिस्सा लिया था, जिसका उद्देश्य हरियाणा के लोगों को न्याय दिलवाना और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाना था।

ऐलनाबाद के उपचुनाव में उतरेंगे?
ओमप्रकाश चौटाला हरियाणा के विधानसभा चुनाव की तैयारियां करेंगे, यह हालांकि अभी तय नहीं हुआ। यह भी सच है कि फिलहाल सिर्फ ऐलनाबाद में उपचुनाव होना है। उसके बाद फिर पूर्ण चुनाव 2024 में होंगे। ऐलनाबाद के उपचुनाव में अभय चौटाला के ही मैदान में उतरने की संभावना है। पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के बेटे का नाम ही अभय चौटाला है। अभय चौटाला विधायक रह चुके हैं। इस साल उन्होंने किसान आंदोलन को समर्थन देने की बात कहते हुए विधायकी से इस्तीफा दे दिया था।












Click it and Unblock the Notifications