First Nuclear Plant: उत्तर भारत को बड़ी सौगात! हरियाणा के गांव में परमाणु ऊर्जा संयंत्र, लागत ₹ 20,594 करोड़
उत्तर भारत का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र हरियाणा में राष्ट्रीय राजधानी से 150 किमी दूर हरियाणा में बनेगा। दिल्ली से उत्तर में फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गांव में परमाणु ऊर्जा संयंत्र को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है।

उत्तर भारत का First Nuclear Plant हरियाणा के एक गांव में स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन के दौरान, देश के अन्य हिस्सों में परमाणु/परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना प्रमुख उपलब्धियों में से एक होगी। परमाणु ऊर्जा विभाग के एक बयान के अनुसार, भारत के ज्यादातर परमाणु ऊर्जा संयंत्र दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश या पश्चिम में महाराष्ट्र तक ही सीमित थे। अब उत्तर भारत को भी न्यूक्लियर पावर प्लांट की सौगात मिलेगी।
न्यूक्लियर सेक्टर आशाजनक
जितेंद्र सिंह ने कहा, हरियाणा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना भारत की परमाणु क्षमता बढ़ाने की प्राथमिकता के अनुरूप है। उन्होंने कहा, पिछले आठ वर्षों में कई क्रांतिकारी फैसले लिए गए हैं। 10 परमाणु रिएक्टरों की स्थापना के लिए मोदी सरकार ने बड़ी संख्या में मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा विभाग को परमाणु ऊर्जा संयंत्र खोलने के लिए संसाधनों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के साथ संयुक्त उद्यम बनाने की अनुमति भी दे दी गई है। उन्होंने न्यूक्लियर सेक्टर को आशाजनक क्षेत्र करार दिया। बकौल जितेंद्र सिंह, आने वाले समय में हरियाणा में बनने वाले सेंटर में भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की क्षमता होगी।
आवंटित राशि 20,594 करोड़ रुपये
गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना (GHAVP) में 700 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां होंगी। इनमें से प्रत्येक में प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) स्वदेशी डिजाइन का होगा। परमाणु ऊर्जा विभाग के बयान के अनुसार हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गांव के पास इसका कार्यान्वयन होगा। कुल आवंटित राशि 20,594 करोड़ रुपये है। अब तक 4,906 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बयान में कहा गया है कि आज की तारीख में कुल वित्तीय प्रगति 23.8 प्रतिशत है।
न्यूक्लियर रिएक्टर के अलावा क्या बनेगा?
परमाणु ऊर्जा विभाग के अनुसार न्यूक्लियर रिएक्टर के साथ अन्य मुख्य संयंत्र भवनों या संरचनाओं का निर्माण भी प्रगति पर है। जिन भवनों का निर्माण कराया जाएगा इनमें-
- अग्नि जल पंप हाउस (FWPH)
- सुरक्षा से संबंधित पंप हाउस (SRPH)
- ईंधन तेल भंडारण क्षेत्र
- वेंटिलेशन स्टैक
- ओवरहेड टैंक (OHT)
- स्विचयार्ड नियंत्रण भवन
साइट पर डिलीवरी समय पर होने की उम्मीद
विभाग के बयान के अनुसार, प्रमुख लंबे विनिर्माण चक्र उपकरण/घटकों जैसे प्राथमिक शीतलक पंप, कैलेंड्रिया, रिएक्टर हेडर, ईंधन भरने वाली मशीन के प्रमुख, मॉडरेटर और अन्य हीट एक्सचेंजर्स आदि के लिए खरीद आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। विभाग ने कहा, एंड शील्ड और पहली इकाई के लिए सभी भाप जनरेटर साइट पर आ चुके हैं। अन्य उपकरणों का निर्माण विभिन्न चरणों में है। निर्माण कार्यक्रम को पूरा करने के लिए साइट पर डिलीवरी समय पर होने की उम्मीद है।












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