किसानों के धरने पर दिल्ली पहुंचे मुनीम की चली गई जान, आढ़ती एसोसिएशन ने मांगे 20 लाख और सरकारी नौकरी

बहादुरगढ़। केंद्र सरकार के 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के विरोध-प्रदर्शन को आधे माह से ज्यादा हो चुका है। पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों से आए किसान दिल्ली से लगी सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं। ऐसे ही किसानों के धरने पर पहुंचे धुरी के एक 60 वर्षीय मुनीम की जान चली गई। उनका नाम कृष्ण लाल था, जो कि आढ़तियों के साथ आज दिल्ली के टिकरी बार्डर पहुंचे थे। बताया जाता है कि, कृष्ण लाल लंगर का काम देख रहे थे। उनकी अकस्मात् मौत के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं मिली। हालांकि, धरने में शामिल लोगों के बीच उन्हें लेकर भी सरकार से मांग उठाने लगी है।

farmers protest, an accountant lost life at tikri border of haryana delhi

आढ़ती एसोसिएशन ने मृतक के परिवार को 20 लाख रुपए की मदद और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की है। एक किसान ने बताया कि, कृष्ण लाल धुरी से आढ़ती एसोसिएशन के साथ किसान आंदोलन में हिस्सा लेने आया था। उनसे पहले भी कुछ इसी तरह कई मौतें हो चुकी हैं। किसानों के जत्थे में शामिल एक युवा किसान की 8 दिसंबर के दिन जान चली गई थी। वह सोनीपत जिले के गांव बरोदा के रहने वाले थे। उनकी पहचान 32 साल के अजय के तौर पर हुई। पुलिस का कहना है कि, उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। हालांकि, कुछ लोगों ने बताया कि ठंड की वजह से उनकी जान गई।

एक वृद्ध किसान ने कहा कि, अजय 1 तारीख से धरने पर था। वह देर रात में खाना खाकर अपनी ट्राली के नीचे सोया, लेकिन सुबह जब उसके साथियों ने उसे उठाया तो वह नहीं उठ पाया। इसकी सूचना किसान आंदोलन का साथ दे रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को दी गई तो उन्होंने मौके पर जाकर जांच की। हालांकि, वह दम तोड़ चुका था। जिसके बाद पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के अस्पताल में भिजवा दिया।

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