'इज़राइल द्वारा पेजर से बम धमाके संभव, हरियाणा में 20 EVM नहीं हो सकती हैक', ECI ने बताया पूरा प्रोसेस
EVM hack in Haryana chunav 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए 20 EVM हैक होने की बात कही है। साथ ही लोगों में यह भी चर्चा है कि जब इजराइल पेजर के जरिए दूसरे देश लैबनान में बम धमाके किए तो भारत में ईवीएम क्यों हैक नहीं सकती? इस सवाल का जवाब मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दिया है।
दरअसल, हरियाणा की 90 सीटों पर 5 अक्टूबर को मतदान व 8 अक्टूबर को मतगणना हुई। एग्जिट पोल के नतीजों में तो हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बन रही थी, मगर ईवीएम चुनाव परिणाम आया तो 48 सीटें जीतकर भाजपा ने सरकार बनाई और कांग्रेस के हाथ में 37 सीटें आईं। तभी से कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव 2024 में इस्तेमाल की गईं ईवीएम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

15 अक्टूबर की दोपहर को चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर और झारखंड में दो चरण में 13 और 20 नवंबर मतदान होगा जबकि दोनों राज्यों में 23 नवंबर को मतों की गिनती की जाएगी। इसी दौरान मीडिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त से हरियाणा की 20 ईवीएम का सवाल पूछा?
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव ने कहा कि 'हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में 20 शिकायतें मिली हैं कि ईवीएम में छेड़छाड़ की गई है। लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि जब इजराइल पेजर के जरिए दूसरे देश में हमला करवा सकता है तो भारत में ईवीएम क्यों हैक नहीं हो सकती? दरअसल पेजर कनेक्टेड रहते हैं जबकि ईवीएम कनेक्टेड नहीं रहती। इसलिए ईवीएम हैक होने का सवाल ही नहीं उठता।'

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि किसी भी चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल करने की बाकायदा एक पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसमें ईवीएम के चयन से लेकर मतदान और मतगणना की सारी प्रक्रिया राजनीतिक दलों की आंखों के सामने से होकर गुजरती है। फिर भी ईवीएम पर सवाल उठाए गए हैं। चुनाव आयोग सभी 20 शिकायतों का जवाब देगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार किसी भी चुनाव से पांच-छह माह पहले ही ईवीएम की जांच करके यह पुख्ता कर लिया जाता है कि इसमें किसी प्रकार की तकनीकी खामी नहीं है। इसके बाद रेंडमाइजेशन के जरिए ईवीएम का चयन किया जाता है। यह प्रक्रिया राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में होती है। फिर ईवीएम को कड़ी सुरक्षा में स्ट्रॉंग रूम में रखा जाता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के अनुसार हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में मतदान से पांच-छह दिन पहले ईवीएम की कमिशनिंग की गई। उसी दौरान बैटरी व चुनाव चिन्ह, उम्मीदवारों के नाम डाले गए। पर्यवेक्षकों व राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में कमिशनिंग के बाद ईवीएम को सील करके वापस स्ट्रॉंग रूम में रखा गया। स्ट्रॉंग रूम में सुरक्षा तीन चरण की थी। एजेंटों को ईवीएम के बूथ नंबर भी बताए गए।
इसके बाद कड़ी सुरक्षा में ईवीएम को मतदान केंद्रों तक पहुंचाया गया। 5 अक्टूबर को सुबह से शाम तक हरियाणा की सभी 90 सीटों पर मतदान हुआ। करीब 68 फीसदी ने वोट डाले। मतदान से पहले राजनीतिक दलों के एजेंटों से फॉर्म 16 भरवाया गया। उनको ईवीएम की सील चेक करवाई गए। मॉक पोल करवाकर दिखाया गया। मतदान के बाद दो दिन ईवीएम स्ट्रॉंग रूम में रही। 8 अक्टूबर को बैरिकेडिंग के जरिए मतगणना टेबल तक लाई गई। एजेटों को ईवीएम के नंबर का मिलान करवाया। पूरी प्रक्रिया में ईवीएम हैक होने का सवाल ही नहीं उठता।












Click it and Unblock the Notifications