हरियाणा में सीएम पद पर दावे को लेकर अभी से भिड़ गए कांग्रेसी, चुनाव से साल भर पहले क्यों शुरू हुआ विवाद? जानिए
हरियाणा विधानसभा का चुनाव अगले साल लोकसभा चुनावों के बाद होना है। 2019 में राज्य में अक्टूबर के महीने में ही वोटिंग हुई थी। अभी वहां बीजेपी की सरकार है। लेकिन, कांग्रेस के बड़े नेताओं में राज्य में अभी से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पदों पर दावेदारी को लेकर आपस में भिड़ंत शुरू हो चुकी है।
कांग्रेस की महासचिव और हरियाणा में पार्टी की बड़ा दलित चेहरा कुमारी शैलजा ने बुधवार को कहा है कि राज्य में चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर पार्टी में कोई चर्चा नहीं है। यही नहीं उन्होंने सीधा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर यह कहकर निशाना साधा कि राज्य में मुख्यमंत्री का पद किसी के लिए आरक्षित नहीं है।

चुनाव से एक साल पहले सीएम-डिप्टी सीएम पद को लेकर भिड़े कांग्रेसी
शैलजा के मुताबिक पार्टी हाई-कमान को राज्य के 36 बिरादरियों में से सीएम चुनना चाहिए। इससे पहले हुड्डा ने बताया था कि राज्य में पार्टी के चार उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं, जिसे कुमारी शैलजा ने सीधे खारिज कर दिया है। इस तरह से हरियाणा कांग्रेस के भीतर का घमासान एक बार फिर से सामने आ गया है।
हरियाणा में लगातार चुनाव हार रही है कांग्रेस
कांग्रेस राज्य में लगातार पिछला चार चुनाव हार चुकी है। 2014 और 2019 दोनों लोकसभा और विधासभा चुनावों में भाजपा से उसे मुंह की खानी पड़ी है। स्थिति ये है कि पिछली हार के चार साल गुजर चुके हैं, लेकिन पार्टी अपने संगठन तक को दुरुस्त नहीं कर सकी है।
चार डिप्टी सीएम को लेकर कभी बात नहीं हुई- शैलजा
शैलजा ने कहा है, 'यह राजनीतिक फैसले हैं, जो पार्टी हाई- कमान लेता है। हुड्डा की ओर से जो दावा किया गया है, उस तरह से चार डिप्टी सीएम को लेकर कभी बात नहीं हुई थी। इस तरह की कोई बात नहीं थी, उस समय मैं प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष थी।'
'मुख्यमंत्री का पद किसी के लिए आरक्षित नहीं है'
शैलजा अभी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की प्रभारी महासचिव हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 36 बिरादरियों की संस्कृति है और पार्टी हाई-कमान को उनमें से किसी एक समुदाय को मुख्यमंत्री पद पर नियुक्त करके सम्मान देना चाहिए। वो बोलीं, 'मुख्यमंत्री का पद किसी के लिए आरक्षित नहीं है और इसपर 36 समुदायों में से फैसला लिया जाना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि चार डिप्टी सीएम का सुझाव उनके निजी स्तर पर हो सकता है।
हुड्डा ने किया था चार डिप्टी सीएम वाला दावा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हुड्डा ने मंगलवार को कहा था कि कांग्रेस हरियाणा में ब्राह्मण, दलित, जाट और पिछड़े समुदायों में से चार उपमुख्यमंत्री बना सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2019 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी पार्टी के अंदर इस तरह की बातें चल रही थी। लेकिन, यह चुनाव भी कांग्रेस हार गई थी।
जबकि, शैलजा ने कहा है, 'कांग्रेस में होने के नाते और 2019 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने की वजह से मैं आपको आश्वस्त कर सकती हूं कि 2019 में भी कभी भी ऐसी बात नहीं हुई थी कि चार डिप्टी सीएम होंगे। ऐसा कहने का कोई आधार नहीं है, क्योंकि पार्टी ने आज या तब ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया।'
उन्होंने कहा, 'हरियाणा में हम 36 बिरादरी में भरोसा करते हैं और कांग्रेस पार्टी सब को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है; और हमें इन्हीं 36 बिरादरी में से किसी एक को मुख्यमंत्री चुनना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि पार्टी हाई-कमान ने किसी भी व्यक्ति को इस तरह के एलान करने का कोई अधिकार नहीं दिया है।'
हुड्डा 10 साल तक हरियाणा के सीएम रहे हैं और एक प्रमुख जाट नेता माने जाते हैं। फिलहाल वे राज्य में कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं। जबकि, शैलजा एक दलित नेता हैं और कांग्रेस के गांधी परिवार से काफी नजदीक मानी जाती हैं। राज्य में पिछले चुनाव से ही शैलजा को भी सीएम पद का दावेदार माना जाता रहा है। (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications