हरियाणा: हर व्यक्ति को रोज 135 लीटर पानी उपलब्ध कराएगी सरकार, CM का जलापूर्ति कनेक्शन का वादा
चंडीगढ़। हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेशवासियों को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी उपलब्ध करवाने का वादा किया है। उन्होंने बजट अनुमान 2021-22 में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत 1.65 लाख घरों में नल के माध्यम से जलापूर्ति कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बजट पेश करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'जल जीवन मिशन कार्यक्रम' के तहत, केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 तक सभी घरों में नल के माध्यम से जलापूर्ति कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मगर, हमारी सरकार इस कार्य को केवल वर्ष 2022 तक ही पूरा करने का लक्ष्य तय कर लिया है।

प्रदेश सरकार की महाग्राम योजना शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि, राज्य सरकार ने प्रति व्यक्ति प्रतिदिन जलापूर्ति 135 लीटर तक बढ़ाने, सीवरेज प्रणाली बिछाने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्थापना के लिए महाग्राम योजना शुरू की है। इसके तहत, अब तक 130 गांवों की पहचान की गई है, जिसमें तीन चरणों में कार्य किया जाएगा। पहले चरण में 20 गांव, दूसरे चरण में 38 और तीसरे चरण में शेष 72 गांव शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि, सरकार शहरी क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी उपलब्ध करवाने के लिए भी पूरी तरह से दृढ़-संकल्प है। उन्होंने बताया कि, राज्य के 87 कस्बों में पहले ही पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है और वर्ष 2020-21 में घरौंडा, निसिंग, तरावड़ी और समालखा की सभी नव विकसित कॉलोनियों में पेयजल की सुविधा दिलाई है।
26.19 लाख परिवारों को जलापूर्ति कनेक्शन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि, ''हरियाणा में लगभग 31.05 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से जनवरी, 2021 तक 26.19 लाख (84.34 पर्सेंट) ग्रामीण परिवारों को जलापूर्ति कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। ग्रामीण संवर्धन जल आपूर्ति कार्यक्रम के तहत, गांवों में जलापूर्ति का स्तर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55-70 लीटर तक बढ़ाने के लिए मौजूदा जलापूर्ति सुविधाओं में सुधार तथा इन्हें मजबूत किया जा रहा है। बता दिया जाए कि, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री बजट अनुमान 2021-22 में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लिए 3,402 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रावधान किया है। खट्टर ने बताया कि, ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए, नाबार्ड से भी धनराशि ली जा रही है।

124 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारी सरकार द्वारा 80 कस्बों के 124 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्थापना का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि, कैथल, पुंडरी और असंध में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के अपग्रेडेशन का कार्य पूरा हो चुका है तथा भूना, नांगल चौधरी, इस्माईलाबाद और सढ़ौरा में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्थापना का कार्य मार्च, 2021 तक पूरा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने मुख्य रूप से बिजली संयंत्रों, उद्योगों, सिंचाई और नगरपालिकाओं द्वारा उपचारित अपशिष्ट जल का गैर-पेयजल प्रयोजनों हेतु उपयोग करने के लिए एक नीति बनाई है।
उन्होंने कहा कि, वर्ष 2022 तक 25 प्रतिशत उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हरियाणा में अब तक, 169 सीवेज ट्रीटमेंट और सामान्य अपशिष्ट ट्रीटमेंट संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जो 1278 एमएलडी उपचारित अपशिष्ट जल उत्पन्न करते हैं।












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