किसानों का चक्काजामः हरियाणा-राजस्थान में रेवाड़ी से लेकर अंबाला तक के ये हाईवे बंद किए
Bharat Bandh Chakka Jam | haryana news today, अंबाला/फरीदाबाद/सोनीपत। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा देशभर में चक्का-जाम आयोजित किया गया है। इसका बड़ा असर हरियाणा राज्य में देखने को मिल रहा है। यहां ज्यादातर जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने रेवाड़ी से लेकर अंबाला तक के हाईवे जाम कर रखे हैं। किसानों ने अंबाला में जीटी रोड जाम करने के लिए रोड पर ही डेरा जमा लिया। वहीं, रेवाड़ी में भी किसान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बैठ गए। जींद में महिलाएं भी पुरुषों के साथ आईं और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर जाम लगाया। जींद के किनाना गांव में किसानों ने एनएच-352 को ब्लॉक कर दिया।
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इधर, खटकड़ टोल पर किसानों ने वाहन रोक दिये। जींद.सफीदों मार्ग भी जाम रहा। सिंघु बॉर्डर के पास किसानों ने कई दिनों से जाम लगाया हुआ है। अंबाला में शनिवार को अमृतसर-दिल्ली हाईवे पर जाम लगा दिया। इसके अलावा नारायणगढ़ के कड़ासन के पास भी स्टेट हाईवे पर भीड़ जुटी। वहीं, हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर सैनी माजरा के टोल प्लाजा के पास भारी संख्या में किसान जुटे। इस दौरान महिलाओं ने सरकारी व्यवस्था को कोसा। कई स्थानों पर किसानों के साथ इंडियन नेशनल लोकदल अै शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता भी नजर आए। वहीं, पंजाब में कांग्रेस के नेता किसानों का समर्थन करने हाईवे पर कूच करते दिखे।

ये रास्ते अवरुद्ध हुए
जो जानकारी मिली है, अभी यह कि केजीपी, केएमपी, दिल्ली-जयपुर, हिसार-चंडीगढ़ और अमृतसर-दिल्ली हाईवे पर वाहन नहीं निकलने दिए जा रहे। नौगावाँ (अलवर जिला राजस्थान) हरियाणा मैवात-राजस्थान बोर्डर स्टेट हाईवे भी जाम है। दिल्ली -जयपुर हाईवे भी बावल चौरसी गाँव ने जाम किया।

वे बड़े हाईवे, जिन पर चक्का जाम
1) दिल्ली- चंडीगढ़ हाइवे
2) औरंगाबाद- नासिक हाइवे
3) पिपली नेशनल हाइवे
4) गंजाम हाइवे ओडिसा
5) करनाल हाइवे
6) रीवाँ हाइवे
7) दिल्ली- आगरा हाइवे
8)- पलवल हाइवे
9) ग्वालियर दिल्ली हाइवे
10) सहसराम मुगलसराय हाइवे
11) दिल्ली जयपुर हाइवे

40 किसान संगठनों का चक्काजाम आंदोलन
यह चक्काजाम आंदोलन करीब 40 किसान संगठनों द्वारा बनाए गए संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा शुरू किया गया है। इस दौरान गाड़ियों को चलने नहीं दिया जाएगा। माना जा रहा है कि, इस चक्काजाम से किसानों के अगुआ अपनी एकजुटता दिखाना चाहते हैं। 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान-आंदोलन कुछ धीमा पड़ गया था। ऐसे में कहा जा रहा है कि, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सिंघु और टिकरी बॉर्डर से चक्काजाम को कोऑर्डिनेट करेंगे। सोनीपत, झज्जर, फरीदाबाद और पानीपत में चक्काजाम का प्रभाव ज्यादा रह सकता है।
प्रदर्शनकारियों के लिए किसान संयुक्त मोर्चा के 5 संदेश
1- नेशनल और स्टेट हाईवे दोपहर 12 से 3 बजे तक जाम करेंगे। इससे पहले या बाद में जाम नहीं लगाया जाएगा।
2- जरूरी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, स्कूल बस को नहीं रोकेंगे।
3- चक्काजाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा। प्रदर्शनकारी किसी से टकराव नहीं करेंगे।
4- देश की राजधानी दिल्ली की सीमा के अंदर कोई चक्का-जाम नहीं होगा।
5- 3 बजे 1 मिनट तक हॉर्न बजाकर किसान एकता का संदेश देते हुए चक्काजाम कार्यक्रम पूरा होगा। मगर, हिंसक गतिविधियां नहीं होंगी।












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