घर के बाहर से लापता छात्रा को हरियाणा पुलिस नहीं खोज पाई, 2 साल बाद CBI को जिम्मा
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी में 27 जून 2018 के दिन घर के बाहर से गायब हुई किशोरी अब तक नहीं मिल सकी है। उसे खोजने के लिए पुलिसकर्मियों के प्रयास असफल रहे। किशोरी के लापता होने के 15 माह बाद 18 सितंबर 2019 को सीबीआई जांच के लिए सिफारिश हुई। केंद्र सरकार को यह मामला सीबीआई को सौंपने में 6 माह का वक्त लगा। अब जुलाई 2020 में सीबीआई ने केस अपने पास लिया है।

हरियाणा पुलिस खाली हाथ, मामला सीबीआई को
संवाददाता ने बताया कि, किशोरी के परिजनों एवं अन्य कुछ लोगों ने कैबिनेट मंत्री डॉ बनवारी लाल के निवास पर भी धरना दिया था। इस मामले में लापरवाही होती रही। बहरहाल बच्ची की बरामदगी को लेकर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रेवाडी (हरियाणा) पुलिस खाली हाथ रही।

रेवाड़ी जिले के गांव मोहनपुर की घटना
किशोरी जहां से लापता हुई, वह रेवाड़ी जिले के गांव मोहनपुर की घटना है। किशोरी आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसका नाम शिवानी था। वो करीब 12 साल की थी। उसके लापता होने के बाद से परिजन भय के साए में जी रहे हैं। हरियाणा की स्थानीय पुलिस उनकी कोई मदद नहीं कर पाई। हालत ऐसे हो गए हैं कि, मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद भी परिजनों को सांत्वना नहीं मिल रही। उन्हें सीबीआई पर भी कोई भरोसा नहीं रहा गया।

दुखियारी मां बोली- अब लाश ही दे दो
किशोरी की मां मुकेश देवी ने हमारे संवाददाता को आपबीती बताते हुए कहा कि, 'हमारा जीना दुश्वार हो गया है। वो जिंदा न सही, हमें बेटी की लाश ही दे दो, ताकि कुछ सुकून तो मिले।'
आज भी इस मां की बूढ़ी आंखें घर की चौखट पर बेटी के लौट आने की बाट जोहती नजर आती हैं।

सरकार ने केस सीबीआई को देने का फैसला किया
अच्छी बात यह है कि, अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट ने हरियाणा पुलिस से मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। केस की जांच कर रही हरियाणा पुलिस जून 2018 में लापता हुई नाबालिग लड़की का पता नहीं लगा पाई थी। जिसके बाद बढ़ते दबाव को देखते हुए, हरियाणा सरकार ने केस सीबीआई को ट्रांसफर करने की सिफारिश कर दी थी।

27 जून 2018 के दिन गायब हुई थी बेटी
किशोरी की मां घटना के बारे में बताते हुए कहती हैं कि, 27 जून 2018 के दिन हमारी 12 साल की बच्ची घर से बाहर कुछ लेने गई थी। लेकिन उसके बाद वो वापस नहीं लौट पाई। हमने हर जगह उसकी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस भी कुछ न कर सकी। बाद में हरियाणा सरकार ने सितंबर 2019 में नोटिफिकेशन जारी करके जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश कर दी।

किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
मार्च 2020 में कार्मिक मंत्रालय ने जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने में करीब 4 महीने का टाइम लगा दिया और 27 जुलाई 2020 के दिन सीबीआई ने लड़की के किडनैप होने की एफआईआर दर्ज की है। संवाददाता ने बताया कि, सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता-346 (गलत तरीके से कारावास), 363 (अपहरण), 366 ए (एक नाबालिग का अपहरण) और 120-बी (आपराधिक साजिश) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।












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