Hardoi News: खुद को अधिकारी बताकर युवक ने रची लूट की झूठी कहानी, पुलिस ने खोला भेद
Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। एक युवक ने खुद को ग्राम विकास अधिकारी बताकर न सिर्फ फर्जी पहचान बनाई, बल्कि लूट की झूठी कहानी भी खड़ी कर दी।
युवक ने दावा किया कि उसके साथ 3 लाख रुपये से ज़्यादा की लूट हुई है। वह खेत में बेहोशी की हालत में मिला और पुलिस व अस्पताल को भी यही कहानी सुनाई गई। लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली, जो अब उजागर हो चुकी है।

शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के प्यूरा गांव में युवक के साथ कथित लूट की कहानी तेजी से फैल गई थी। मगर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो उसके झूठ की परतें खुलने लगीं। पुलिस को ना केवल युवक की पहचान पर शक हुआ, बल्कि उसकी हर गतिविधि संदिग्ध लगी।
लखनऊ में महिला मित्र से मुलाकात और फिर 'ड्रामा'
जांच में युवक की असल पहचान सामने आई। उसका नाम सनोज है और वह बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सिधौंली गांव का निवासी है। उसने खुद को तिलहर विकासखंड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी बताया था, जो पूरी तरह झूठ था।
मोबाइल लोकेशन खंगालने पर सामने आया कि सनोज घटना से पहले लखनऊ में था। वह वहां अपनी एक महिला मित्र से मिलने गया था। दोनों ने चिड़ियाघर में समय बिताया और इसके बाद वह ट्रेन से शाहाबाद लौटा था।
बियर पीने के बाद रचा गया 'फिल्मी' प्लॉट
शाहाबाद स्टेशन पर उतरने के बाद सनोज ने एक दुकान से बियर खरीदी और पीकर खेत की ओर चला गया। नशे की हालत में वह वहीं लेट गया। बाद में जब होश आया, तो उसने खुद को 'लूटा गया अधिकारी' बताने की साजिश रच डाली।
युवक ने दावा किया कि उसके पास से ₹3 लाख 6 हजार की नकदी छीन ली गई है। उसने खुद को बेहोशी की हालत में बताया और स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। वहीं से पुलिस जांच शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे सच को सामने लाती चली गई।
फर्जी नियुक्ति पत्र और वीडियो बना कर फैलाया भ्रम
पुलिस को युवक के मोबाइल से एक वीडियो भी मिला, जिसमें वह खुद को ग्राम सचिव बताते हुए पूरी लूट की कहानी बता रहा था। इसके अलावा, उसने यूट्यूब से देखकर एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी बना रखा था।
सनोज ने अपने घरवालों को भी यकीन दिला दिया था कि उसकी सरकारी नौकरी लग गई है। वह रोजाना ऑटो से 'शाहजहांपुर ड्यूटी' जाने की बात कहता और फिर पूरे दिन इधर-उधर घूमकर शाम को घर लौट आता।
एसपी नीरज जादौन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि युवक का कोई भी आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला। न तो वह किसी ब्लॉक में तैनात है और न ही उसके पास असली दस्तावेज हैं।












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