Gwalior News: राजीव आवास के नाम पर 14 लोगों से ठगी, नगर निगम क्लर्क ने ऐसे लगाया 42 लाख का चूना
Pm Awas Yojana: मध्य प्रदेश के ग्वालियर एसपी ऑफिस में बिल भुगतान के नाम पर हुए 71 लाख रुपए के बड़े घोटाले के बाद ग्वालियर नगर निगम में भी एक बड़ा घोटाला सामने आया है।
जिसमें नगर निगम के एक कर्मचारी द्वारा भोले वाले लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने का झांसा देकर 42 लाख हड़प कर लिए।

मामले का खुलासा होने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ विश्वविद्यालय थाने में मामला दर्ज हुआ है। जांच पड़ताल शुरू हो गई है।विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने नगर निगम के कर्मचारी उदयराज मैना के खिलाफ लाखों की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी अनुसार जनवरी 2019 से जनवरी 2022 के बीच में नगर निगम के कर्मचारी उदयराज मैना ने 14 लोगों से तीन-तीन लाख रुपए ले लिए थे और उन्हें बताया था कि उनके आवासों का आवंटन विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के महलगांव में हो गया है।
फ्लैट में रहने के लिए पहुंचे लोग तब हुआ घोटाले का खुलासा
नगर निगम द्वारा बनाए गए यह राजीव आवास लाल मल्टी महलगांव में स्थित है। खास बात यह है कि मल्टी में फ्लैट लेने वाले लोग वहां रहने भी पहुंच गए जबकि मल्टी आधी अधूरी बनी हुई थी। नगर निगम से विधिवत इन आवासों का आवंटन नहीं हुआ था। बाद में जब नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को पता चला कि कुछ लोग नियम विरुद्ध तरीके से सरकारी मल्टी में रहने पहुंच गए हैं। तब उन्हें पुलिस की मदद से बेदखल कराया गया।
जब नगर निगम के अधिकारियों को पता चला कि उनके ही कर्मचारी उदयराज ने इन लोगों को गलत तरीके से कागजातों की कूट रचना कर आवास आवंटित किए हैं तब उन्होंने अपने कर्मचारी के खिलाफ विश्वविद्यालय थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
इस मामले में विश्वविद्यालय पुलिस ने निगम कर्मचारी उदय राज मैना के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल निगम कर्मचारी की धोखाधड़ी के इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
यह कुल मिलाकर 42 लाख रुपये का घोटाला बताया गया है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मामले की जांच शुरू हो गई है और जल्द उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
संवाद सूत्र: पंकज श्रीमाली, ग्वालियर/मध्य प्रदेश












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