MP News: लोकायुक्त ग्वालियर की ट्रेप कार्रवाई में पटवारी रंगे हाथों पकड़ा गया, 25,000 रुपये की रिश्वत बरामद
Gwalior news: पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद के निर्देश पर ग्वालियर लोकायुक्त इकाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। ग्वालियर लोकायुक्त के अधिकारियों ने एक पटवारी को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई 25 नवम्बर 2024 को की गई, जब आरोपी उमाशंकर आदिवासी, पटवारी हलका 11 तहसील भितरवार, जिला ग्वालियर को 25,000 रुपये रिश्वत के साथ पकड़ा गया।

शिकायत और मांग की गई रिश्वत राशि
आवेदक चंद्रभान सिंह गुर्जर, ग्राम टीकरी, थाना रिठौरा कलां, जिला मुरैना के निवासी हैं। उन्होंने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि आरोपी पटवारी उमाशंकर आदिवासी ने उनकी माँ के नाम से रजिस्टर्ड 18 बीघा 13 विस्वा कृषि भूमि का ऑनलाइन नामांतरण करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। आरोपी ने 5000 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से कुल 90,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
आवेदक ने पटवारी से निवेदन किया, जिसके बाद आरोपी ने राशि को कम करके 30,000 रुपये कर दी, और फिर अंततः 25,000 रुपये में सौदा तय हुआ। आवेदक ने इस संबंध में ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक को शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने शिकायत का सत्यापन किया और एक ट्रेप टीम का गठन किया।
ट्रैप कार्रवाई और गिरफ्तारी
आज, 25 नवम्बर 2024 को लोकायुक्त पुलिस ने एक ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी उमाशंकर आदिवासी को ग्वालियर जिले के भितरवार स्थित तहसील कार्यालय के पास गुरुद्वारे के पीछे स्थित एक दुकान में रंगे हाथ पकड़ा। वहां, आरोपी ने आवेदक से 25,000 रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई
आरोपी पटवारी उमाशंकर आदिवासी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस ने यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त नीति के तहत की है, जो राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए किए गए प्रयासों का हिस्सा है।
लोकायुक्त टीम का सहयोग
इस ट्रैप कार्रवाई में ग्वालियर लोकायुक्त टीम के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मिलकर सफलता हासिल की। ट्रैप दल में निरीक्षक कवींद्र सिंह चौहान, ब्रजमोहन सिंह नरवरिया, अंजलि शर्मा, देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, इकबाल खान और अन्य 15 सदस्यीय दल शामिल था। यह दल पूरी कार्रवाई में सक्रिय रूप से शामिल रहा और आरोपी को गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई यह दिखाती है कि लोकायुक्त पुलिस भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है और राज्य के नागरिकों के लिए एक स्पष्ट संदेश भेज रही है कि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से उम्मीद की जाती है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।












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