Madhav National Park : शिवपुरी में 25 साल बाद फिर सुनाई देगी 5 बाघों की दहाड़, माधव नेशनल पार्क होगा ठिकाना
सिंधिया के मुताबिक ग्वालियर चंबल फॉरेस्ट टूरिस्ट सर्किट के तौर पर डिवेलप हो रहा है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीते आने के बाद पर्यटकों की तादाद बढ़ रही है।

मध्य प्रदेश के माधव नेशनल पार्क में 25 साल बाद फिर बाघों की दहाड़ सुनाई देगी। दिवंगत माधवराव सिंधिया के जन्मदिन 10 मार्च को 5 बाघ छोड़े जाएंगे। मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया यहां उद्यान में बाघों को रिहा करेंगे। सिंधिया ने उम्मीद जताई कि माधव नेशनल पार्क में बाघों के आने के बाद ग्वालियर चंबल अंचल में वन्य पर्यटकों को बढ़ावा मिलेगा।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 25 साल बाद शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में बाघों की दहाड़ सुनाई देगी। स्वर्गीय माधवराव सिंधिया के जन्म दिवस 10 मार्च को बाघ लाए जाएंगे। एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया वन मंत्री विजय शाह माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघों को छोड़ेंगे।
बताते चलें माधव नेशनल पार्क शिवपुरी में 1958 में बनाया गया था। 354 वर्ग किलोमीटर में फैले इस नेशनल पार्क में शुरुआती समय में बाघ थे। लेकिन धीरे-धीरे सब विलुप्त हो गए और पिछले 25 सालों से इस पार्क में बाघ नहीं थे। 5 बाघों के आने के बाद माधव नेशनल पार्क में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ जाएगी। सिंधिया के अनुसार ग्वालियर चंबल वन को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के आने के बाद सैलानियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लिहाजा अब शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघों के आने से पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।












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