ग्वालियर में मध्य प्रदेश किसान सभा ने की सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा
ग्वालियर में किसान सभा के सम्मेलन मे की गई सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा
ग्वालियर, 26 सितम्बर। किसान एक बार फिर से सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की तैयारी कर चुके हैं। इसकी घोषणा भी मध्य प्रदेश किसान सभा ने ग्वालियर में कर दी है। ग्वालियर में आयोजित मध्य प्रदेश किसान सभा के 12वें राज्य सम्मेलन में यह घोषणा की गई है। किसानों का आरोप है कि जिन वादों के साथ किसानों ने दिल्ली बॉर्डर से धरना खत्म किया था सरकार उन वादों को पूरा करने से पीछे हट रही है।

रायरू पर आयोजित किया गया सम्मेलन
मध्य प्रदेश किसान सभा का 12 वां राज्य सम्मेलन ग्वालियर के रायरू इलाके में आयोजित किया गया था। रायरू में स्थित एक निजी मैरिज गार्डन में यह आयोजन किया गया था। इस तीन दिवसीय आयोजन में अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक ढवले भी शामिल हुए थे। इस सम्मेलन में प्रदेश के कई किसान प्रतिनिधि शिरकत करने के लिए ग्वालियर में पहुंचे थे।

सम्मेलन में पारित किया गया सरकार के खिलाफ प्रस्ताव
ग्वालियर में आयोजित मध्य प्रदेश किसान सभा के सम्मेलन में मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि साल 2018 में विधायकों की खरीद-फरोख्त करके बीजेपी की शिवराज सरकार बनी थी जो अब जन प्रतिरोध को दबाने की कोशिश कर रही है, यही वजह रही कि विधानसभा के वर्षा कालीन सत्र को बगैर किसी चर्चा की ही खत्म कर दिया गया। इसलिए प्रस्ताव में शिवराज सरकार को जनविरोधी सरकार करार दिया गया है।

किसान सभा पूरे प्रदेश में चलाएगी अभियान
किसान सभा के सम्मेलन में अंतिम दिन यह निर्णय लिया गया है कि किसान सभा मध्य प्रदेश में सरकार के खिलाफ अभियान चलाएगी क्योंकि शिवराज सरकार में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है जिस पर कोई अंकुश नहीं है। इसलिए प्रदेश भर में किसान सभा सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाएगी।

देश की एकता को तोड़ने का किया जा रहा है काम
सम्मेलन में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक ढवले ने कहा कि इस देश की एकता को तोड़ने का काम किया जा रहा है और यह काम केंद्र की मोदी सरकार कर रही है, अंग्रेजों की तर्ज पर मोदी सरकार देश की एकता को तोड़ रही है इसलिए हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए किसानों में धार्मिक और जातीय एकता बनाएंगे।

सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की
सम्मेलन के आखिरी दिन सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की गई है। सम्मेलन में शामिल किसान नेताओं ने कहा कि दिल्ली के बॉर्डर पर जिन वादों के साथ किसानों ने धरना खत्म किया था उन वादों को सरकार द्वारा पूरा नहीं किया जा रहा है यही वजह है कि एक बार फिर से सरकार के खिलाफ आंदोलन करना पड़ेगा।












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