हत्यारोपी मामा को छुड़ाने के लिए भोपाल पुलिस पर हमला, जवान निकला मास्टरमाइंड
ग्वालियर: पुलिस पर हमला कर जवान को राइफलों सहित अगुवा करने का खुलासा, भोपाल में जवान ने ही बुना था ये ताना-बाना
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीन ले जाने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही वारदात का खुलासा हो गया है। बदमाशों ने कुछ दिन पहले रात में लक्ष्मणपुरा से पुलिस की आँखों में मिर्ची झोंक अपने साथी को छुड़ा ले जाने का दुस्साहस किया था। बदमाशों ने सुरक्षाकर्मियों से दो इंसास राइफलें छीन ली थीं और उन्हें पीटा भी था। एक पुलिस जवान को अपने साथ अगवा भी कर गए थे।

पुलिस के ही एक आरक्षक ने बुना था तानाबाना
अब पुलिस ने इस मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि वारदात का तानाबाना भोपाल में पुलिस के ही एक आरक्षक ने बुना था। पुलिस ने भोपाल में पदस्थ एक आरक्षक के साथ ही अन्य लोगों के खिलाफ तमाम धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वहीं बदमाशों द्वारा अगुवा किया गया पुलिस जवान भी अपहरण कर्ताओं के शिकंजे से आजाद होकर पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन के समक्ष पहुंच गया और मामले की जानकारी दी।
होमगार्ड के जवान और अपने ही रिश्तेदार की हत्या के मामले में जेल में बंद भीमा उर्फ जितेन्द्र सिंह यादव पुत्र सुरेश यादव निवासी ग्राम हेबतपुरा भिण्ड पर लगभग डेढ़ दर्जन संगीन अपराधों के आरोप हैं। भीमा यादव को भिण्ड न्यायालय में पेशी के लिए शुक्रवार को भोपाल पुलिस के प्रधान आरक्षक मायाराम, आरक्षक हाकिम खान, विवेक शर्मा और प्रमोद यादव लेकर आए थे।
पेशी से लौटते समय कार में सवार होकर आए लोगों ने पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्ची झोंकते हुए उनके ऊपर हमला किया और पुलिस कर्मियों के कब्जे से दो इंसास राइफलें लूटने के साथ ही हत्या आरोपी भीम यादव उर्फ जितेन्द्र यादव को छुड़ाकर ले गए। हमलावर पुलिस के जवान प्रमोद यादव का भी अपहरण कर अपने साथ ले गए थे।
पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद हत्या के आरोपी भीम उर्फ जितेन्द्र यादव, भोपाल के गांधी नगर पुलिस थाने में पदस्थ आक्षक सोहनपाल, विक्की तथा एक दर्जन अन्य लोगों के खिलाफ मामला कायम कर लिया।
मुख्य षड्यंत्रकारी आरक्षक सोहनपाल भी पकड़ा
हत्या और हत्या के प्रयास के आरोपी भीमा यादव को भागाने की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी सोहनपाल को भी पुलिस ने दबोच लिया। ग्वालियर पुलिस ने तत्काल दबिश देकर भोपाल के गांधीनगर थाने में तैनात सिपाही सोहनपाल सिंह को साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार किया है।
भीम का भांजा है आरक्षक सोहनपाल
पुलिस की जांच पड़ताल में पता चला है कि घटना का तानाबाना भोपाल के गांधीनगर पुलिस थाने में पदस्थ आरक्षक सोहनपाल ने बुना था। सोहनपाल कोर्ट मुंशी के पद पर पदस्थ है। जब पुलिस कर्मी हत्या आरोपी भीम उर्फ जितेन्द्र यादव को लेने भोपाल जेल पहुंचे थे तो सोहनपाल भी वहां पहुंचा था। उसने भीम को लेने आए पुलिस कर्मियों को बताया कि भीम सिंह उसका मामा है। इसके बाद उसने सभी को अपनी कार से ही भोपाल रेल्वे स्टेशन तक छोड़ा। इसके साथ ही उसने विक्की नामक एक युवक को पुलिस कर्मियों के साथ यह कह कर भेज दिया कि वह रास्ते में पुलिस कर्मियों की मदद करेगा। ग्वालियर पहुंचने पर स्टेशन पर विक्की के द्वारा कार मंगा ली गई थी। जिससे वह लोग समय से भिण्ड पहुंच सके। भिण्ड से ग्वालियर के लिये रवाना होने पर भी कार की व्यवस्था विक्की ने ही की थी। इसी साजिश के तहत रास्ते में वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि पूरी वारदात का खाका आरक्षक सोहनपाल द्वारा पहले ही खींचा जा चुका था।
एसपी के सामने पहुंचा अगवा जवान प्रमोद
हत्याआरोपी भीम को पुलिस कस्टडी से भगा ले जाने के दौरान आरोपियों ने पुलिस के जवान प्रमोद यादव का भी अपहरण कर लिया था जिसे बाद में आरोपित इटावा में छोड़ गए। बदमाशों के कब्जे से रिहा पुलिस जवान प्रमोद इटावा से रेल्वे स्टेशन पहुंचा और वहां से भोपाल में आरआई को जानकारी दी। आरआई के कहने पर वह एसपी आफिस पहुंचा और एसपी नवनीत भसीन के सामने पेश हुआ।
शक की सुई अपहृत सिपाही पर भी
हालांकि इस मामले में पुलिस भोपाल के गांधीनगर थाने में पदस्थ आरक्षक सोहनपाल के खिलाफ मामला कायम कर चुकी है, लेकिन प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद पुलिस की शक की सुई अपहृत सिपाही प्रमोद यादव पर भी टिकी हुई है। प्रमोद से भी इस मामले में लगातार पूछताछ की जा रही है।












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