ग्वालियर: ऊर्जा मंत्री और केंद्रीय मंत्री के गढ़ में कांग्रेस की जीत, वार्ड पार्षद तक नहीं जीता पाए दिग्गज
ग्वालियर, 18 जुलाई। ग्वालियर नगर निगम के परिणामों ने काफी चौंकाया है। एक ओर कांग्रेस ने भाजपा से 57 साल बाद महापौर की कुर्सी छीनी ही है। बल्कि बीजेपी के कई दिग्गज नेता, मंत्री और बोर्ड या निगम के अध्यक्ष अपने वार्ड तक नहीं बचा पाए हैं। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, बीच निगम के अध्यक्ष व सिंधिया समर्थक मुन्नालाल गोयल अपने वार्ड तक नहीं बचा पाए हैं। यहां कांग्रेस से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। इस मामले में सिंधिया का वार्ड जरुर बच गया है। वह बीजेपी के खाते में आया है। जब बीजेपी के यह दिग्गज अपने ही वार्ड नहीं बचा पाए हैं तो समझ सकते हैं यह महापौर प्रत्याशी को कहां से जीत दिला सकते थे।

नेता क्यों नहीं बचा पाए अपने ही वार्ड ?
बीजेपी के दिग्गज नेता केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने ही वार्ड क्यों नहीं बचा पाए इस बात पर विचार विमर्श शुरू हो गया है। जय बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा वाले वार्ड रहते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह दिग्गत नेता अन्य वार्ड व पूरे नगर में सक्रिय रहे, लेकिन अपने घर को लापरवाही में ले गए और उसका नतीजा यह रहा कि वहीं इनको और बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है।
नरेन्द्र सिंह तोमर के वार्ड-27 में कांग्रेस की जीत
ग्वालियर के मुरार स्थित बाढ़ नंबर-27 केन्द्रीय मंत्री व बीजेपी के दिग्गज नेता नरेन्द्र सिंह तोमर का वार्ड है। इसी वार्ड में सिंधिया समर्थक व बीज निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल भी रहते हैं। बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा का भी यही घर है। इसके बाद भी भाजपा नगर निगम चुनाव में यह वार्ड कांग्रेस से हार गई है। वार्ड 27 से कांग्रेस की लक्ष्मी सुरेश सिंह ने बीजेपी की यामिनी राणा को हरा दिया है। इसके बाद अब यह दिग्गज और उनकी जमीनी स्तर पर सक्रियता सभी सवालों के घेरे में आ गई है।
प्रद्युम्न सिंह तोमर हारे अपना वार्ड
ऊर्जा मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व सिंधिया समर्थक वैसे तो काफी जमीनी नेता होने का दावा करते हैं। सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो भी वायरल होते रहते हैं। लेकिन इस बार उनकी जमीनी हकीकत नगरी निगम चुनाव में ही साफ नजर आ गई है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री के वार्ड नंबर 17 से बीजेपी की रेनू शाक्य को किरण धर्मेन्द्र शर्मा ने सीधे तौर पर मात दे दी है। अब इस हार से नेता जी की विधानसभा की तैयारियों को गहरा झटका लगा है जो नेता के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
सिंधिया की प्रतिष्ठा बच्ची
ग्वालियर में बीजेपी के दिग्गज नेताओं की बात करें तो केन्द्रीय नागरिक उड्डयन व इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम न आए ऐसा हो नहीं सकता। नगरी निगम चुनाव में उनके वार्ड 58 से बीजेपी की अर्पण पाटिल ने कांग्रेस की बबीता मनीष अग्रवाल को हराकर दिग्गज नेता सिंधिया की प्रतिष्ठा बचा ली है।












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