चंपानेर की राधिका सोनी ने 1,008 बिस्किट के पैकेट से बनाया शिवलिंग, बोलीं- इससे लोगों को सीख मिलेगी

चंपानेर। गुजरात के पंचमहल जिले के चंपानेर में एक महिला ने बिस्कुट के पैकेट्स से शिवलिंग बनाया। जिसकी तस्वीरें सोशल साइट्स पर वायरल हो गईं। राधिका सोनी नामक महिला ने बताया कि, इस तरह से बना शिवलिंग कई मायने में सार्थक है। उसने कहा, "गणेशजी के उत्सव के लिए मैंने उनकी मूर्ति सजाई है। यह जो बिस्किट वाला शिललिंग है...इसके जरिए हम लोगों को खाना बचाने का संदेश दे रहे हैं। लोग ये समझेंगे कि बिगाड़ने के बजाए भूखों-जरूरतमंदों में वितरित करना चाहिए।"

1,008 बिस्किट के पैकेट से बना शिवलिंग

1,008 बिस्किट के पैकेट से बना शिवलिंग

शिवलिंग बनाने वाली राधिका सोनी ने कहा, "बड़े आकार के शिवलिंग को बनाने में हमने 1,008 बिस्किट के पैकेट इस्तेमाल किए हैं।" उसने कहा कि, वैदरा में बिस्किट के गणेशजी की मूर्ति को प्रतिष्ठित किया जाता है। ऐसे में हमने शिवलिंग भी बनाया। वहीं, गणेशजी की लघु-प्रतिमा भी विराजित की गई है। उनके आभूषण भी हैं। इस तरह का शिवलिंग बनाने की वजह क्या है? इसके जवाब में राधिका सोनी बोलीं कि, मैंने जब सुना कि दुनिया भर में प्रतिदिन भोजन का लगभग 1/3 भाग बर्बाद हो जाता है, लेकिन फिर भी गरीबों को खाना नहीं मिल पाता। ऐसे में हमने भोजन की बर्बादी के बारे में जागरूकता फैलाने का फैसला किया। अब विसर्जन के बाद, हम इसे गरीबों को दान कर देंगे।

कई वजहों से विख्यात है चंपानेर

कई वजहों से विख्यात है चंपानेर

बताते चलें कि, जिस चंपानेर में भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करने के लिए 'शिवलिंग' बनाया गया है, यही नगर पहले गुजरात की मध्ययुगीन राजधानी थी। चांपानेर, जिसका मूल नाम 'चंपानगर' था, यह गुजरात में बड़ौदा से 21 मील (लगभग 19.2 कि.मी.) और गोधरा से 25 मील (लगभग 40 कि.मी.) की दूरी पर स्थित है। इसमें प्रागैतिहासिक चैकोलिथिक स्थल, एक प्राचीन हिन्दू राज्य की राजधानी का एक महल व किला व के गुजरात प्रदेश की राजधानी के अवशेष हैं।

राजा वनराज चावड़ा ने की थी स्थापना

राजा वनराज चावड़ा ने की थी स्थापना

यहां चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के लिए जाना जाता है। भू-एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चांपानेर का इतिहास दो हजार साल पुराना है। कुछ लोग यहां मौजूद उत्कृष्ट संरचनाओं के कारण इसे प्राचीन स्मार्ट सिटी भी कहते हैं।

ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, चंपानेर की स्थापना चावड़ा वंश के राजा वनराज चावड़ा ने की थी। उनके एक मंत्री का नाम चंपाराज था, जिसके नाम पर इस जगह का नामकरण हुआ। कुछ लोगों का मानना है कि चंपानेर नाम 'चंपक' फूल की वजह से है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+