Parcel blast: पत्नी के प्रेमी से बदला लेना के लिए रची थी साजिश, यूट्यूब से सीखा बम बनाना, अब साथी सहित अरेस्ट

Parcel blast case: पार्सल विस्फोट मामले में गुजरात की अहमदाबाद पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अहमदाबाद पुलिस ने रविवार 22 दिसंबर को बताया कि एक घर में पार्सल डिलीवर होने के बाद हुए विस्फोट के सिलसिले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों का नाम रूपेन राव (44) और रोहन रावल (21 है। रूपने राव अपनी अलग रह रही पत्नी के दोस्त बलदेव सुखाड़िया और उसके पिता और भाई से बदला लेना चाहता था। इसलिए रूपने ने यूट्यूब-इंटरनेट पर बम और देसी पिस्तौल बनाना सीखा था। पूछताछ में रूपने बताया कि बलदेव के कारण ही उसका उसका अपनी पत्नी से अलगाव हुआ था।

Parcel blast case

क्या है पूरा मामला

पुलिस ने रूपने के पास से दो और पार्सल बम, एक देशी पिस्तौल, कारतूस और हथियार बनाने में प्रयुक्त सामग्री बरामद की है। अधिकारी ने बताया कि रूपने राव की पत्नी तलाक लेने की प्रक्रिया में हैं और मामला कोर्ट में चल रहा है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 10.45 बजे साबरमती इलाके में एक रो हाउस में विस्फोट हुआ था।

इस विस्फोट में दो लोग घायल हो गए थे। पुलिस उपायुक्त (जोन 2) भरत राठौड़ ने बताया कि शनिवार सुबह साबरमती इलाके में सुखाड़िया के घर पर पहुंचे पार्सल में विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट के बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। इस दौरान पुलिस ने गौरव गढ़वी नाम के शख्स को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था।

बताया कि तकनीकी निगरानी की मदद से रूपने राव और उसके साथी रोहन रावल (21) को रात में ही पकड़ लिया गया। भरत राठौड़ ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने सल्फर पाउडर, बारूद और एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट से बने दो जीवित बम बरामद किए हैं, जो रिमोट कंट्रोल से संचालित होते प्रतीत होते हैं। इसके अलावा एक देशी पिस्तौल भी बरामद की है, जिसे राव ने बनाया था।

सुखाड़िया ने पत्नी और बच्चों के बीच पैदा की थी दरार

उन्होंने कहा कि राव का मानना ​​था कि सुखाड़िया ने उनके और उनकी पत्नी के बीच दरार पैदा कर दी थी तथा उन्हें अपनी पत्नी और बच्चों से दूर रखा था। अधिकारी ने बताया कि आरोपी का मानना ​​था कि उसकी पत्नी, ससुर और साला उसे पेट की बीमारी के कारण कमजोर महसूस कराते थे।

इंटरनेट पर सीखा था बम बनाना

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सुखाड़िया और उसके ससुराल वालों की हत्या करने, उसकी अलग रह रही पत्नी को उसके परिवार से अलग करने और उसे अकेला महसूस कराने के लिए तीन-चार महीने तक इंटरनेट पर बम और हथियार बनाना सीखा था। राठौड़ ने बताया कि रूपने, उसके साथी ने इंटरनेट से देशी पिस्तौल बनाना भी सीखा।

इतना ही नहीं, बम बनाने में सल्फर पाउडर, ब्लेड, बैटरी, चारकोल और आतिशबाजी से निकलने वाले बारूद जैसी सामग्रियों का उपयोग करके रिमोट-नियंत्रित बम बनाने की साजिश रची। रोहन रावल ने आर्थिक कारणों से छह महीने तक राव के साथ काम किया। अधिकारी ने बताया कि रावल ने सबसे पहले बम वाला पार्सल शुक्रवार रात सुखाड़िया के घर पहुंचाया।

ससुर और सालों की भी हत्या करने की बनाई थी योजना

लेकिन, उनका लक्षित लक्ष्य घर में मौजूद नहीं था, इसलिए वह पार्सल दिए बिना ही वापस लौट आया। इसके बाद दोनों ने गढ़वी को अगले दिन पार्सल पहुंचाने के लिए भेजा और रावल ने वहीं रहकर रिमोट कंट्रोल का इस्तेमाल करके बम विस्फोट किया। डीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने राव के ससुर और साले की भी इसी तरह हत्या करने की योजना बनाई थी।

बमों को एफएलएल की टीम ने किया निष्क्रिय

आरोपियों की तलाश में पुलिस को एक कार से दो जिंदा बम मिले, जिन्हें बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस) और एफएसएल की टीमों ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया। पुलिस ने राव के घर से दो जिंदा बम और एक पिस्तौल के अलावा विस्फोटक और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई सामग्रियां भी बरामद की हैं।

रूपने के घर से बरामद किए कारतूस-बस

पुलिस ने बताया कि पुलिस ने पांच जिंदा कारतूस, चार हाई-वोल्टेज बैटरी सेल, सिंगल और डबल बैरल की तीन अधूरी देसी पिस्तौल, दो रिमोट, तीन मोबाइल फोन, कीलें और पेंच, ब्लेड के डिब्बे, गैस सिलेंडर, ड्रिल मशीन आदि बरामद किए हैं। आरोपियों पर बीएनएस, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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