गुजरात के 10 जिलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन खुलेंगे, कर्मचारियों-अधिकारियों की भर्ती भी होंगी
जामनगर। गुजरात के गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने घोषणा की है कि, राज्य के जिलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन खुलेंगे। इन जिलों में आणंद, साबरकांठा, महेसाणा, भरुच, वलसाड, जामनगर, पोरबंदर, अमरेली, कच्छ-पूर्व (गांधीधाम) और बनासकांठा जिले शामिल हैं। इसके लिए 218 नए पद मंजूर किए गए हैं। गृह राज्यमंत्री ने बताया कि, अभी राज्य की 9 रेंज-गांधीनगर, अहमदाबाद, भावनगर, बोर्डर रेंज भुज, सूरत, वडोदरा, राजकोट, पंचमहाल-गोधरा और जूनागढ़ में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन सक्रिय हैं। इसके अलावा चारों ही कमिश्नरेट-अहमदाबाद, सूरत वडोदरा, और राजकोट में भी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन हैं। एक साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन गुजरात की राजधानी गांधीनगर में है, जहां सीआईडी के अधिकारी भी रहते हैं।

गुजरात में अभी 14 साइबर थाने सक्रिय
राज्यमंत्री ने बताया कि, उपरोक्त रेंज व शहर के थानों के लिए अलग-अलग संवर्ग के 704 नए पद भी मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि, राज्य में अभी 4 कमिश्नरेट, 9 रेंज और सीआईडी क्राइम गांधीनगर सहित 14 साइबर थाने सक्रिय हैं। सीआईडी क्राइम गांधीनगर में दिन-रात में कभी भी 24 घंटे साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत स्वीकारने की सुविधा सुनिश्चित की गई है। राज्यमंत्री बोले कि, हमारी सरकार साइबर क्राइम प्रिवेंशन और डिटेक्शन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि, हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से कहा गया कि, साइबर क्राइम के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए राज्य में लोगों को साइबर अपराधियों, ठगों से बचाने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए 10 और जिलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की मंजूरी प्रदान की गई है।

साइबर आश्वस्त प्रोजेक्ट शुरू किया गया
गुजरात के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में साइबर अपराधियों पर नजर रखने हेतु साइबर क्राइम सेल की ओर से "साइबर आश्वस्त प्रोजेक्ट" शुरू किया गया है। इस बारे में बताया गया कि, वह वाईफाई का उपयोग करके साइबर अपराध करने वालों पर नजर रखता है। साइबर क्राइम सेल के एक अधिकारी ने कहा कि, हमारी सेल में साइबर इंसीडेंट रिस्पोंस यूनिट (आईआरयू), एन्टी साइबर बुलिंग यूनिट (एबीयू), साइबर क्राइम प्रिवेंशन यूनिट (सीसीपीयू) और साइबर सुरक्षा लैब (सीएसएल) की मदद ली जाती है।












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