कोरोना वॉरियर: वायरस से मरे 200 से ज्यादा लोगों की अंत्येष्टि मुस्लिम युवक ने की, डर से उनके घरवाले दूर ही रहते थे
भरूच। कोरोनावायरस के संक्रमण से मर रहे लोगों का अंतिम संस्कार किए जाने में उनके परिजनों को डर लगता है। यहां तक कि, मृतकों के लिए अंतिम रिवाज भी इन दिनों लोग नहीं निभा पा रहे। महामारी के दौर में संवेदना और असंवेदना की तमाम ऐसी खबरें आ रही हैं, जैसा पहले कभी नहीं हुआ। यहां हम बात कर रहे हैं एक मुस्लिम शख्स की, जिसने अब तक 200 से अधिक लाशों का अंतिम संस्कार किया।
उक्त शख्स का नाम है- इरफान मलिक। गुजरात में भरूच स्थित अंकलेशवर के कोविड श्मशान में इरफान को कोई भी अंतिम संस्कार करते देख सकता है। इरफान श्मशान गृह में लकड़ियों के इंतजाम से लेकर अग्निदाह की जिम्मेदारी निभाते हैं। उनके इसी तरह के सराहनीय कार्य के लिए कई संस्थाएं सम्मानित भी कर चुकी हैं।

इरफान बताते हैं कि, राज्य में 3 हजार से ज्यादा लोग कोरोना की वजह से मर चुके हैं। संक्रमण ज्यादा न फैले इसलिए हमारे यहां लोगों के मरने पर उनके परिजन, लाशों को हाथ लगाने से भी डरते थे। उूपर से सरकार की गाइडलाइंस भी कुछ ऐसी ही थीं। ऐसे में ज्यादातर हुआ यह कि, अंतिम संस्कार श्मशान की जिम्मेदारी संभाल रहे लोग ही करते रहे।
इरफान की मानें तो वह अब तक ऐसे ही 220 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। बहरहाल, इरफान कोविड श्मशान में तैनात टीम का हिस्सा हैं। उनके रहते, कई मामले ऐसे भी सामने आए कि मृतक के परिवार ने लाश का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया था और दूर ही रहे। ऐसे में श्मशान गृह में तैनात इरफान ने ही लाशें जलाईं।












Click it and Unblock the Notifications