कोरोना के नए स्ट्रेन के बीच गुजरात में ऐसे मनेगी नई साल, सभी पतंगोत्सव रद्द, कर्फ्यू का 1 घंटा कम होगा
अहमदाबाद। यह साल 2020 का आखिरी दिन है। दुनिया नए साल के जश्न का इंतजार कर रही है। मगर, इसी के साथ कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन का प्रकोप लोगों में भय का कारण बना हुआ है। गुजरात में सरकार ने नए साल के मौके पर होने वाले सभी बड़े आयोजन कर रद्द कर दिए हैं। साथ ही पतंगबाजी पर भी रोक लगा दी है। जि महानगरों में रात्रि कर्फ्यू लगा है, वहां 1 जनवरी से कर्फ्यू की अवधि में एक घंटे की राहत दी जाएगी। संवाददाता ने बताया कि , अहमदाबाद में भी प्रशासन सतर्क है और यहां होने वाले सारे पतंगोत्सव रद्द भी कर दिए गए हैं। इस बार की थर्टी फर्स्ट पाबंदियों के साये में ही मनाने का फैसला किया गया है।

कोराना महामारी का संक्रमण गुजरात में ज्यादा न फैले, इसके लिए सरकार नियम और गाइडलाइन को ज्यादा से ज्यादा चुस्त कर रही हैं। राज्य के 4 महानगरों में नाईट कर्फ्यू लागू है, जिनमें राजकोट,अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा शामिल हैं। हालांकि, अब राजकोट,अहमदाबाद, सूरत ओर वडोदरा में रात वाला कर्फ्यू 10 बजे से प्रभावी रहेगा। मगर, नए साल पर पुलिस दिन में भी भीड़ नहीं जुटने देगी। एक अधिकारी ने कहा, "कैबिनेट की बैठक में बुधवार को तय हुआ है कि नए साल के पहले दिन से कर्फ्यू में एक घंटे की राहत मिल जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि 1 जनवरी से 14 जनवरी तक नाइट कर्फ्यू को चार महानगरों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू किया जाएगा। साथ ही आने वाले दिनों में संक्रमण ज्यादा घटने पर यह राहत बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है।"
प्रदेश में कोरोना की बात करें तो 175 दिन बाद नए संक्रमित 800 से कम होकर 699 पर आ गए। इससे पहले 9 जुलाई को 700 पार जाते हुए 861 हो गए थे। मौतें भी लगभग आधी रह गई हैं। जुलाई में ही 21 तारीख को अब तक की सर्वाधिक 34 मौतें हुई थीं। उसी दिन सूरत में भी रिकॉर्ड 21 जानें चली गई थीं। सक्रिय मरीज भी अब 10 हजार से कम होकर 9979 रह गए है, जो 31 जुलाई को 14090 हो गए थे। और अब तक 2 लाख 29 हजार 977 मरीज ठीक हो चुके हैं।












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