1000 लोगों की आवाजाही वाली सभी जगहों पर लगेंगे CCTV, गुजरात सरकार का नया कानून लागू

गांधीनगर। गुजरात सार्वजनिक सुरक्षा क्रियान्वयन अधिनियम 2022 के तहत लाया गया सिक्‍योरटी लॉ अब गुजरात में लागू हो चुका है। इसके जरिए सूबे की सुरक्षा-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने 1000 लोगों की आवाजाही वाले सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है। इससे आतंकी गतिविधियों की आशंका, घुसपैठ तथा मादक पदार्थों की हेरा-फेरी एवं लूट-मार जैसी घटनाएं कम होंगी। व्‍यवस्था के अनुसार, किसी भी घटना की सीसीटीवी फुटेज एक माह तक सुरक्षित रहेगी।

अब सभी सार्वजनिक स्थानों पर CCTV अनिवार्य

अब सभी सार्वजनिक स्थानों पर CCTV अनिवार्य

सार्वजनिक-स्‍थलों पर सीसीटीवी लगाने की कवायद सबसे पहले महानगरों में शुरू की गई है। इन महानगरों में अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, सूरत, राजकोट, जामनगर, भावनगर और जूनागढ़ आदि 8 शहर शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की खातिर जिला कलेक्टर को सार्वजनिक सुरक्षा समिति गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इन समितियों की अध्यक्षता अतिरिक्त जिलाधीश करेंगे। ऑर्डर के मुताबिक, समिति में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। मनपा उपायुक्त समिति के सदस्य तथा संबंधित क्षेत्रों के विविध संस्थाएं एसोसिएशन के लोगों को भी समिति में रखा जाएगा। जिनका कार्यकाल दो साल का रहेगा। पुलिस आयुक्त विविध इलाकों में समिति के सदस्यों की सचिव के रूप में नियुक्ति करेगी।

सुरक्षा समितियों का गठन होगा

सुरक्षा समितियों का गठन होगा

जो समितियां गठित होंगी, उनकी ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाने सुरक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देशों के पालन की समीक्षा की जाएगी। प्रति 6 माह में इसके सदस्य इनकी समीक्षा करेंगे। बताया गया है कि, समिति सदस्यों का कार्यकाल 2 साल का रहेगा। सीसीटीवी क्षेत्र के संचालक एवं संस्थाओं को 2 दिन के नोटिस अथवा सूचित कर समिति सदस्य उसका निरीक्षण करने जा सकते हैं अथवा सीसीटीवी के फुटेज संस्थाओं से मांगे जा सकते हैं। यह बात भी साफ कर दी गई है कि, संबंधित संस्था एवं निकाय को 1 महीने तक सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखना होगा। एक अधिकारी ने कल कहा कि, 'सूबे में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे आतंकी गतिविधियों की आशंका एवं घुसपैठ तथा मादक पदार्थों की हेरा-फेरी पर भी लगाम लग सकेगी।'

जुर्माना लगाने का भी अधिकार

जुर्माना लगाने का भी अधिकार

सरकार की ओर से कहा गया कि, यदि समिति के निर्देश पर संस्थाओं अथवा किसी संगठन को आपत्ति हो तो वह निर्देश मिलने के 30 दिन में जिलाधीश के समक्ष अपील कर सकेगा। जिलाधीश 30 दिन में इसमें निर्णय करेंगे। वहीं, जिम्‍मेदारों पर जुर्माना लगाने का भी अधिकार होगा।
औद्योगिक क्षेत्र व्यापारिक स्थलों, सामाजिक धार्मिक शैक्षणिक संस्थाओं तथा बस अड्डा, रेलवे स्टेशन आदि पर सुरक्षा व्यवस्था की चिंता रहती है। जहां शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है..और नौकरी व्यापार एवं मजदूरी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते-जाते रहते हैं तो यह जरूरी हो जाता है कि पर्याप्‍त सुरक्षा व्‍यवस्‍था हो।

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