गुजरात में कांग्रेस के एकमात्र मुस्लिम विधायक ने भारत जोड़ो यात्रा पर खड़ा किया सवाल, कह डाली ये बात
गुजरात में एकमात्र मुस्लिम कांग्रेस विधायक ने भारत जोड़ो यात्रा पर सवाल खड़ा किया है। इमरान खेड़ावाला ने कहा कि दिल्ली से यह पूछा जाना चाहिए कि भारत जोड़ो यात्रा गुजरात में क्यों नहीं आई।

गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी शर्मनाक रहा है। यहां पार्टी को 182 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 17 सीटों पर जीत मिली। इन 17 में से सिर्फ एक मुस्लिम उम्मीदवार को जीत मिली है। कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला एकमात्र मुस्लिम विधायक हैं जिन्हें कांग्रेस के टिकट पर जीत मिली है। इमरान ने भाजपा के गढ़ जमालपुर-खाड़िया में जीत दर्ज की है, इस सीट पर 2012 से भाजपा को जीत मिलती आ रही थी। इस विधानसभा सीट पर हिंदू वोटर की संख्या 1.13 लाख है जबकि मुस्लिम वोटर की संख्या 1.04 लाख है।

भारत जोड़ो यात्रा को गुजरात आना चाहिए था
जिस तरह से कांग्रेस पार्टी को गुजरात में हार का मुंह देखना पड़ा उसके लिए कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। दरअसल भारत जोड़ो यात्रा गुजरात में नहीं पहुंची, यही वजह है कि भारत जोड़ो यात्रा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इमरान खेड़ावाला ने सवाल किया है कि दिल्ली से यह पूछा जाना चाहिए कि आखिर क्यों राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा गुजरात में नहीं आई।

कांग्रेस का वोट बंट गया
इमरान ने कहा कि इस बार कांग्रेस का वोट आप की वजह से बंट गया, जबकि भाजपा का वोट स्थिर रहा। जो लोग भाजपा से असंतुष्ट थे उन्होंने अपना वोट आप को दे दिया। मेरी सीट पर एआईएमआईएम के उम्मीदवार ने मुझे नुकसान पहुंचाया, उनकी वजह से मेरे 15000 वोट कम हुए। आप ने अपना चुनाव अभियान बाहर के लोगों से यहां कराया। उनके पास संगठन नहीं है, ना ही बूथ है और ना ही जमीनी कार्यकर्ता। हमारे पास वह सबकुछ था, हमारा बूथ मैनेजमेंट अच्छा था, हम लोगों के घर-घर गए, हमारा यह अभियान अच्छा रहा था।

हमारा मैनेजमेंट ठीक नहीं था
इमरान ने कहा कि मुझे लगता है कि हम अपने घोषणा पत्र को लोगों तक और बेहतर तरीके से पहुंचा सकते थे। पार्टी के मैनेजमेंट में कुछ कमी थी, जिसके चलते यह लोगों तक नहीं पहुंचा। भाजपा की तुलना में हमारा प्रचार कमजोर था। पार्टी की ओर से हमे प्रचार सामग्री, एलईडी वैन आदि दो महीने पहले ही मुहैया करा दिए गए थे, लेकिन यह उम्मीदवारों पर है कि वह कैसे इसका इस्तेमाल करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी के मैनेजमेंट में कुछ कमियां थीं। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त थे, जिसके एक साल पहले आयोजित किया जाना था। आपको यह दिल्ली से पूछना चाहिए कि यह यात्रा गुजरात से होकर क्यों नहीं गुजरी। पार्टी को गुजरात पर ध्यान देना चाहिए था, जिस तरह से भाजपा ने अपने राष्ट्रीय नेताओं को यहां लगाया था, कांग्रेस को भी ऐसा करना चाहिए था।

राहुल-प्रियंका को आना चाहिए था
गुजरात में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी की रैली होनी चाहिए थी। सोनिया गांधी और अन्य राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को यहां आना चाहिए था। वो यहां नहीं आए, जिसका हमे नुकसान हुआ। फिहलाल हमारा उद्देश्य कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाना होना चाहिए। हमारी जमीनी कार्यकर्ता हमारी ताकत हैं, उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज कराए गए हैं। चुनाव हारना एक मसला है, लेकिन हमारे कार्यकर्ता हमारे साथ रहते हैं। भाजपा ने जीत दर्ज की, लेकिन क्या आपने आम जनता को देखा कि जश्न मना रहा था।












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