कोरोनाकाल में ठप पर्यटन-उद्योग पर गुजरात सरकार का फैसला, टैक्स और बिजली बिल से छूट दी
गांधीनगर। कोरोनाकाल में ठप हो चले पर्यटन उद्योग को राज्य सरकार ने राहत प्रदान की है। सरकार द्वारा होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट व वॉटरपार्क को 1 साल तक प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी गई है। साथ ही बिजली बिल के फिक्स चार्ज में छूट देने का भी निर्णय रूपाणी सरकार ने लिया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक में इस पर फैसला लिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने आपसी चर्चा में माना कि, कोरोना की दूसरी लहर काबू करने के लिए लगे मिनी लाॅकडाउन से होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट और वॉटरपार्क को आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में छूट देने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के कार्यालय की ओर से बताया गया कि, अब प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट और वाटर पार्क को 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक 1 साल के लिए बिजली बिल के फिक्स चार्ज में छूट रहेगी। बस एक्चुल चार्ज ही वसूला जाएगा। सरकार के इस निर्णय पर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सोमाणी ने तसल्ली जताई। उन्होंने कहा कि, प्रदेश में होटल-रेस्टोरेंट्स को सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स में जो राहत दी है,वाकई उसका हमें फायदा मिलेगा। यूं कि, सूबे में छोटे-बड़े होटल, रेस्टोरेंट सालाना 10 हजार से 25 लाख तक प्राॅपर्टी टैक्स चुकाते हैं और कोरोनाकाल में इन्हें आर्थिक रूप से बहुत नुकसान झेलना पड़ा। ऐसे में बिजली बिल का फिक्स चार्ज न लेने का निर्णय भी सराहनीय है।

ज्ञातव्य है कि, राज्य सरकार ने 7 जून से कोविड पाबंदियों में छूट देनी शुरू की है। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा है कि अभी स्विमिंग पूल, जिम, कोचिंग क्लासेज (ऑनलाइन स्टडी), सिनेमा-थिएटर, ऑडिटोरियम, बाग-बगीचे, मनोरंजन स्थल, स्पा आदि बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी बड़े मंदिरों समेत धार्मिक स्थल बंद भी रहेंगे, इन दिनों केवल पुजारी ही पूजा कर सकते हैं। सरकारी निर्देश हैं कि, कोई भी राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम 11 जून के बाद ही होने दिए जा सकेंगे, वो भी पक्का नहीं है। बड़े मंदिर जैसे अंबाजी, डाकोर, सोमनाथ, पावागढ़, आशापुरा, बहुचराजी, उमियाधााम और द्वारकाधीश आदि के द्वार लोगों के लिए 11 जून तक बंद रखे ही गए हैं।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सोमाणी का कहना है कि, हम प्रॉपर्टी टैक्स और फिक्स चार्ज से राहत दिए जाने का स्वागत करते हैं। मगर, चाहते हैं कि सरकार 50% क्षमता के साथ होटल में बैठकर खाने की भी छूट दे। इस निर्णय से होटल-रेस्टोरेंट्स की इंडस्ट्री को 50 लाख तक की राहत मिलेगी। कर्मियों का रेाजगार भी बच जाएगा।












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