गुजरात: खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल! बीजेपी MLA ने ही खोला मोर्चा, कर दी यह डिमांड
गुजरात में पिछले कुछ समय में जो मिलावटी मसाले जब्त हुए हैं, उसने सत्ताधारी बीजेपी के विधायकों के भी कान खड़े कर दिए हैं। पार्टी के एक एमएलए ने सीएम को इस संबंध में बहुत गंभीर चिट्ठी लिखी है।

गुजरात में सत्ताधारी बीजेपी के एक एमएलए ने मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वाले लोगों के खिलाफ कठोर से कठोर कानून लागू करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री किशोर कनानी ने राज्य सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा चलाने की मांग की है।
गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
किशोर कनानी ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को एक चिट्ठी लिखकर मांग की है कि जो लोग भी खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए पकड़े जाएं उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। दरअसल, राज्य में पिछले महीनों में हजारों किलो मिलावटी खाद्य पदार्थों की बरामदगी हुई है, जिसमें ज्यादातर मसाले हैं।
लोगों के स्वास्थ्य को खतरा-भाजपा विधायक
सूरत की वराछा सीट से भाजपा विधायक ने कहा है, 'हाल की कुछ घटनाओं से लगता है कि खाद्य पदार्थों में बड़े पैमाने पर मिलावट हो रही है। ऐसी मिलावटी चीजें खाने से लोगों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ रहा है, जिसमें चीज, पनीर, ब्रेड, खाद्य तेल, मसाले और अन्य पदार्थ शामिल हैं जो स्ट्रीट वेंडर बेचते हैं।'
'मौत तक हो जाती है'
उनके मुताबिक अभी के कानूनी प्रावधान उन्हें सजा दिलाने के लिए काफी नहीं हैं, क्योंकि वह मामूली सजा पाकर छूट जाते हैं। कनानी प्रदेश में स्वास्थ्य राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। उनका कहना है कि जबतक संदेह के आधार पर सैंपल लिया जाता है और उसकी फोरेंसिक जांच होती है और नतीजे आते हैं, हजारों लोग उसे खा चुके होते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां होती हैं। यहां तक की मौत तक हो जाती है।
अपराधियों में डर पैदा करना जरूरी-बीजेपी एमएलए
25 मई को सीएम को भेजी चिट्ठी में उन्होंने लिखा है, 'मैं मांग करता हूं कि जो लोग खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए पकड़े जाएं, उनपर गैर-इरादतन हत्या का केस चले। अपराधियों में डर पैदा करने के लिए ऐसी कठोर सजा की आवश्यकता है और खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने का यही एकमात्र तरीका है।'
मसाले के नाम पर बनाते हैं जहर
अधिकारियों के मुताबिक राज्य के कई शहरों में शहरी निकायों के द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट का खुलासा हुआ है। फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने भी पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे मामलों का सामना किया है। ताजा मामले में 12 मई को एफडीसीए ने सूरत के कडोदरा स्थित एक कंपनी से 3,057 किलो मिलावटी मसाले जब्त किए हैं।
हजारों किलो मिलावटी मसाले हुए हैं जब्त
एफडीसीए की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक वह कंपनी मिर्च, हल्दी और धनिया जैसे मसालों के पाउडर में अकार्बनिक रंग मिला रही थी और उसे फर्जी लेबल लगाकर बेच रही थी। अप्रैल में भी इसने खेड़ा जिले के नाडियाड तालुका में दो कंपनियों के पास से 61,000 किलो मिलावटी मसालों का स्टॉक बरामद किया था। वहां मसालों में मिलावट के लिए स्टार्च पाउडर और पिसे हुए पेपर का इस्तेमाल किया गया था। (इनपुट-पीटीआई)
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