गुजरात में कांग्रेस के लिए बीजेपी नहीं AAP बनी बड़ा खतरा, निकाय चुनावों के नतीजे से समझिए
गांधीनगर, 7 अक्टूबर। गुजरात निकाय चुनावों में भाजपा ने एक बार ये साबित कर दिया है कि पार्टी का राजनीतिक वर्चस्व बना हुआ है लेकिन चुनाव परिणामों का जो बड़ा संदेश है वह यह कि आम आदमी पार्टी अपने लिए जो जगह बना रही है वह प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के वोट बैंक पर कब्जा करके कर रही है।

44 सीटों वाली गांधीनगर नगर निगम (जीएमसी) के चुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए जिसमें भाजपा के 41 और कांग्रेस की दो सीट के मुकाबले में आम आदमी पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली लेकिन अरविंद केजरीवाल की पार्टी को 21 फीसदी वोट मिले। जो साफ दर्शाता है कि आप को मिले इन वोटों ने कांग्रेस को ही नुकसान पहुंचाया है।
कांग्रेस को 2016 के जीएमसी चुनाव में 46.9 फीसदी वोट मिले थे जबकि इस बार 27.9 प्रतिशत वोट ही मिले थे।
सूरत में रहा था आप का बढ़िया प्रदर्शन
इसी साल फरवरी में सूरत नगर निगम के लिए हुए चुनाव में 'आप' ने 28 प्रतिशत वोट हासिल किए और 120 में से 27 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। सत्तारूढ़ भाजपा ने 93 सीटें जीतीं जबकि कांग्रेस की संख्या 2016 में 36 से गिरकर शून्य हो गई। यहां भी आप को मिले वोटों का नुकसान कांग्रेस को ही उठाना पड़ा।
पाटीदारों का भी साथ
राजकोट निकाय चुनावों में अपने अपने पहले प्रदर्शन में आप ने 17 फीसदी वोट हासिल किया था। राजकोट में कहा जाता है कि पाटीदार समुदाय के मतदाताओं का वोट आप को गया था। ऐसा तब हुआ जब कांग्रेस ने पाटीदार आंदोलन का चेहरा रहे हार्दिक पटेल को राज्य में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था। राज्य में पाटीदार समुदाय की आबादी 12 से 14 फीसदी है और यह समुदाय काफी प्रभावी भी है।
हालांकि कांग्रेस नेता आप से मिले झटके को यह कहकर टालने की कोशिश करते हैं कि आप बीजेपी की बी टीम है। कांग्रेस नेता यह भी कहते हैं कि बहुत से पाटीदार उम्मीदवार कांग्रेस से टिकट न मिलने पर आप के चुनाव चिह्न पर लड़े। ये पार्टी को नहीं उम्मीदवारों को मिले वोट हैं।












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