Gir National Park में पिछले दो साल में हो चुकी है 240 शेरों की मौत, गुजरात सरकार ने बताई वजह

Gir National Park में पिछले दो साल में 240 शेरों की मौत हो चुकी है। इतनी बड़ी संख्‍या में शेरों की मौत संबंधी आंकड़ों का खुलासा गुजरात सरकार ने स्‍वयं विधानसभा में पूछे गए एक सवाल में किया।

Gir Wildlife Sanctuary

गुजरात के गिर नेशनल पार्क जिसे गिर वन्यजीव अभ्यारण्य के नाम से भी जाना जाता है, इस वर्ल्‍ड फेमस पार्क से दुखी कर देने वाली खबर सामने आई है। गिर नेशनल पार्क जो एशिया में सिंहों यानी शेरों का एकमात्र निवास है जहां शेरों को देखने देश भर से पर्यटक आते हैं उनकी संख्‍या पिछले दो सालों में घटकर आधी से भी कम हो गई है। ये खुलासा स्‍वयं गुजरात सरकार ने किया है। आपको जानकार ताज्जुब होगा कि गिर वन्यजीव अभ्यारण्य में पिछले दो सालों में 240 शेरों की मौत हो चुकी है।

lion

ये आंकड़े गुजरात सरकार ने मंगलवार को कांग्रेस विधायक शैलेश परमार द्वारा उठाए गए एक सवाल के जवाब में दिए। गुजरात सरकार ने बताया कि गिर नेशनल पार्क में बीते 2 साल में 240 शेरों की मौत हो गई। 2021 में सरकार ने शेरों की मौत का आंकड़ा 124 बताया था। वहीं 2022 में 116 शेरों की मौत हो गई।

lion

गिर नेशनल पार्क एशियाई शेरों को एकमात्र जगह है

गुजरात का गिर अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान - एशियाई शेरों का एकमात्र निवास है जो पिछले दो वर्षों में 240 शेरों को खो चुका है। ये मौतें गिर के शेरों की आबादी का लगभग 36% हिस्सा हैं, राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

240 में मरने वाले शेरों में सबसे अधिक शावक हैं

2021 में जिन 124 शेरों की मौत हुई उनमें 32 शेर 32 शेरनी और 61 शावक यानी शेर के बच्‍चे थे जिनकी मौत हुई। वहीं 2022 में कुल 116 शेरों की मौत हुई जिनमें 21 शेर, 28 शेरनी और 62 शावक शामिल हैं। इन आंकड़ों पर गौर करें तो मरने वाले शेरों में अधिकांश मरने वाले शावक हैं।

सरकार ने बताया क्‍यों हुई ये मौतें

राज्य सरकार ने गुजरात विधानसभा में बताया गिर अभयारण्य और आसपास के इलाकों में 31 दिसंबर, 2022 को समाप्त पिछले दो वर्षों में प्राकृतिक और अप्राकृतिक कारणों से 128 शावकों सहित 240 शेरों की मौत हुई है। कुल मिलाकर, 214 शेर प्राकृतिक कारणों से और 2021 और 2022 प्रत्येक में 26-13 अप्राकृतिक कारणों से मारे गए।

जानें लगातार कितनी घटती जा रही शेरों की संख्‍या

सरकार के आंकड़ों के अनुसार मई 2020 में, राज्य सरकार ने शेरों की आबादी 674 होने का अनुमान लगाया जो 2015 के 523 के आंकड़े से 29 फीसदी अधिक थी। 2021 में सरकार ने शेरों की मौत का आंकड़ा 124 बताया था। वहीं 2022 में 116 शेरों की मौत हुई। पिछले दो वर्षों में हुई 240 शेरों की मौत में 53 नर और 59 मादा थीं।

गुजरात सरकार ने दी ये सफाई

सरकार ने विधानसभा में यह भी कहा कि उसने 12 विभिन्न मदों के तहत शेर संरक्षण के लिए वित्तीय सहायता मांगी है, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई धनराशि जारी नहीं की है। हालांकि, वन अधिकारियों ने केंद्र का बचाव करते हुए कहा कि यह अभी भी प्रोजेक्ट लायन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है और इसलिए अनुदान अभी तक जारी नहीं किया गया है। वन अधिकारी अपने संरक्षण प्रयासों का बचाव करते हुए कहते हैं कि मौतों की संख्या 2020 से घट रही है जब यह 159 थी। वन्यजीव विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने कहा कि 2018 में ही कैनिन के प्रकोप से खतरे की घंटी बज गई थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+