कोरोना को मात दे चुके फैजल तीसरी बार डोनेट करेंगे प्लाज्मा, बोले- हममें वायरस को हराने का दम है
सूरत। कोरोना महामारी से निपटने के लिए गुजरात में प्लाज्मा डोनेशन का ट्रेंड चल निकला है। यहां अकेले सूरत शहर में ही अब तक 46 लोग प्लाज्मा डोनेट कर चुके हैं। ऐसे ही एक डोनर हैं फैजल चुनारा। फैजल सूरत सिविल हॉस्पिटल में दो बार प्लाज्मा डोनेट कर चुके हैं। अब वह तीसरी बार प्लाज्मा डोनेट करना चाहते हैं। ऐसा वह 15 दिनों के बाद करने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने सिविल हॉस्टिपल में रजिस्ट्रेशन करा लिया है। वह कहते हैं कि, मेरे पास कोरोना को हराने की ताकत है। इसलिए मैं यह करूंगा।

ठीक होने के 28 दिन बाद प्लाज्मा डोनेट किया जाता है
सिविल के प्रबंधन के मुताबिक, कोरोना वायरस से ठीक हो चुके जो लोग दूसरे मरीजों की जान बचाने के लिए आगे आ रहे हैं, वो ठीक होने के 28 दिन बाद प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। 18 साल की उम्र से लेकर 60 की उम्र के बीच, जिनका वजन 55 किलो या उससे अधिक है। या फिर ऐसे लोग जिन्होंने हाल ही में कोविड-19 को मात देकर अस्पताल से छुट्टी के बाद 28 दिनों के भीतर ठीक हुए हों।

कौन लोग नहीं डोनेट कर सकते प्लाज्मा?
एक डॉक्टर ने कहा कि, प्लाज्मा डोनेट करने वाले शख्स के लिए जरूरी है कि वो मधुमेह, हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित नहीं हो। तभी उसका प्लाज्मा किसी दूसरी व्यक्ति को चढ़ाया जा सकता है। बहरहाल, फैजल के प्लाज्मा में यह मानक हैं, इसलिए वे फिर प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। प्लाज्मा डोनेट करना ऐसा ही है, जैसे ब्लड डोनेट किया जाता है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।

सूरत में इतने लोगों ने प्लाज्मा डोनेट किया
सूरत में अब तक जिन 46 लोगों ने प्लाज्मा डोनेट किया है, उनमें न्यू सिविल हॉस्पिटल के 25 और स्मीमेर अस्पताल के 21 लोग शामिल हैं। खास बात यह भी है कि, सिविल हॉस्पिटल के मेडिसिन डिपार्टमेंट की 27 वर्षीय डॉ. श्वेता ने भी प्लाज्मा डोनेट किया है।












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