किसे पहले मिलेगी कोविड-वैक्सीन? CM रूपाणी ने बताया, हमारे देश में 5 दवाएं हो रही हैं तैयार
अहमदाबाद। कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें लगातार प्रयासरत हैं। देश के अंदर कई जगह कोविड-वैक्सीन के परीक्षण चल रहे हैं। इन वैक्सीन को ध्यान में रखते हुए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल हुए। जिसके बाद रूपाणी ने मीडिया को ब्रीफिंग दी। रूपाणी बोले कि, 'हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में कोरोना-वैक्सीन फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दी जाएगी, दूसरे चरण में पुलिसकर्मियों, स्वच्छता-कार्यकर्ताओं आदि को फिर तीसरे चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु के संक्रमितों को दी जाएगी। चौथे चरण में इसका डोज अति कमजोर या वृद्ध लोगों को दिया जाएगा।'

बता दिया जाए कि, कोविड-वैक्सीन को लेकर हुई प्रधानमंत्री की ये मीटिंग आज सुबह 10 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुरू हुई। पहले सर्वाधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बात की। उसके बाद दोपहर 12 बजे से अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री बोले। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए। मीटिंग में खासतौर पर कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा और कोरोना वैक्सीन के वितरण की रणनीति पर बात की गई। इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए अब तक कई बार मुख्यमंत्रियों से मीटिंग कर चुके हैं। पीएम की मानें तो केंद्र सरकार की ओर से लगातार ये प्रयास हो रहे हैं कि जब भी कोरोना की वैक्सीन उपलबध होगी, तो उसके ठीक तरह से वितरण की व्यवस्था कराई जाए।
देश में कितनी कोविड-वैक्सीन हो रहीं तैयार?
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में फिलहाल 5 कोविड-19 वैक्सीन तैयार होने की दिशा में हैं। जो जानकारी है, वो यह है कि इन वैक्सीन में 4 परीक्षण के दूसरे या तीसरे चरण में हैं, जबकि एक पहले या दूसरे चरण में है। वैक्सीन का सभी लोगों को बेसब्री से इंतजार है। सबसे पहले वैक्सीन किस राज्य को मिलेगी, इस बारे में नीति आयोग ने प्राथमिक रणनीति तैयार कर ली है। नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल के मुताबिक, 1 करोड़ हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को शुरुआती चरण में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण के की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से इसके आंकड़े 50 हजार के नीचे आ रहे हैं। हालांकि, हरियाणा और गुजरात जैसे कुछ राज्यों में मामले तेजी से बढ़े हैं। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा आदि शहरों में तो रात्रि कर्फ्यू भी लगाया गया है।












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