गुजरात में फंगल इंफेक्शन के 100 से ज्यादा केस, सरकार ने दिए स्पेशल वार्ड बनाने के निर्देश
नई दिल्ली, 11 मई: एक ओर कोरोना महामारी कहर बरप रही, तो दूसरी ओर ठीक हुए मरीजों के सामने एक नई आफत खड़ी हो गई है, जहां फंगल इंफेक्शन 'म्यूकोरमाइकोसिस' का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। गुजरात मौजूदा वक्त में इससे सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य लग रहा है, जहां पर 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार भी एक्शन में आ गई है और इसके मरीजों के लिए एक अलग वार्ड बनाने का ऐलान किया है।

मौजूदा वक्त में अभी तक गुजरात के सरकारी अस्पतालों और गुजरात मेडिकल एजुकेशन रिसर्च सोसायटी में 100 से ज्यादा केस म्यूकोरमाइकोसिस के दर्ज किए गए हैं। इसमें 40 मरीज जाइडस अस्पताल और 35 मरीज बडोदरा के SSG अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इसके अलावा सूरत, राजकोट, भावनगर और जामनगर में भी कई मामले सामने आए हैं। अभी दो दिन पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसको लेकर एक एडवाइजरी जारी की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने शनिवार को कोर कमेटी के साथ बैठक की थी। जिसमें 5000 एंडी फंगल ड्रग के इंजेक्शन खरीदने के आदेश दिए गए। इसकी लागत करीब 3.12 करोड़ रुपये आएगी। आमतौर पर ये इंजेक्शन म्यूकोरमाइकोसिस के मरीजों के इलाज में काफी कारगर साबित होते हैं। इसके अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, भावनगर और जामनगर के सरकारी अस्पतालों में रोगियों के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाए जा रहे हैं।
ये हैं ब्लैक फंगस के लक्षण
- आंखों या नाक के आसपास दर्द और लालिमा
- बुखार
- सिरदर्द
- खांसी
- सांस लेने में कठिनाई
- खूनी उल्टी
- बदली हुई मानसिक स्थिति












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