गुजरात: मूक-बधिर जन्मे बच्चों को सुनने में सक्षम बनाने वाली कोकलियर इम्प्लांट सर्जरी इस शहर में भी हो सकेगी
भावनगर। जन्म से मूक-बधिर पैदा हुए बच्चों को सुनने में सक्षम बनाने वाली कोकलियर इम्प्लांट सर्जरी अब गुजरात के भावनगर में भी हो सकेगी। यहां सर टी-अस्पताल ईएनटी (कान-नाक-गला) विभाग में एक ही दिन ऐसे दो सफल ऑपरेशन किए गए हैं। नए साजो-सामान व उपकरणों की बदौलत ऐसा हुआ। प्रदेश की महिला व बाल विकास एवं शिक्षा राज्यमंत्री विभावरीबेन दवे की मौजूदगी में सर्जरी की गई।

मंत्री विभावरीबेन ने बताया कि, भावनगर में पहली बार कोकलियर इम्प्लांट सर्जरी की शुरूआत की गई है। इसके बाद अब ऐसा इलाज कराने वालों को कोसों दूर अहमदाबाद नहीं जाना पड़ेगा। मंत्री ने उन बच्चों को गोद में उठाया, जिनकी ऐसी सर्जरी हुई थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जन्म से मूक-बधिर बच्चों को सुनने के लिए सक्षम बनाने को हर प्रकार का खर्च करने के लिए राज्य सरकार तैयार है। मालूम हो कि, इस प्रकार के ऑपरेशन में करीब 12 लाख रुपए खर्च होते हैं। वहीं, राज्य सरकार अब तक ऐसे 1 हजार सफल ऑपरेशन करवा चुकी है।
मंत्री विभावरीबेन के मुताबिक, सरकार ये प्रयास कर रही है कि, जन्म से मूक-बधिर पैदा हुए बच्चों के अंग ठीक से काम करने लगें। बच्चों में शाारीरिक अक्षमता न हो, इसके लिए नई तकनीक की मदद भी ली जाती है। उन्होंने कहा कि, ऑपरेशन के खर्च के अलावा बधिर बच्चों को कोकलियर इम्प्लांट सर्जरी करवाने के बाद करीब 1 साल तक स्पीच थैरेपी की जरूरत पड़ती है। इसके लिए भी इंतजाम किया जाता है।
मंत्री ने कहा कि, निजी अस्पताल या निजी स्थान पर स्पीच थैरेपी की एक सिटिंग के कम से कम 3 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार की ओर से ऑपरेशन, कोकलियर इम्प्लांट के लिए मशीन, स्पीच थैरेपी की सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही हैं।












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