Ambedkar Awas Yojana: गुजरात में दलितों को मिल रहा है अपना घर, हजारों परिवारों का बदला जीवन

गांधीनगर: अपना घर हर किसी का सपना होता है। लेकिन, परिवार की हर जिम्मेदारी पूरा करने के बाद हर किसी के लिए यह सपना साकार कर पाना संभव नहीं होता। ऐसे में गुजरात सरकार की ओर से अनुसूचित जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और उनमें भी विशेष रूप से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बेघरों को समयबद्ध तरीके से आवास के लिए सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से लक्षित परिवारों को घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।

Ambedkar Awas Yojana: Dalits are getting their own house in Gujarat, life changed for thousands of families

दलितों को घर बनाने के लिए मिलती है रकम
गुजरात की साढ़े 6 करोड़ की अनुमानित आबादी में अनुसचूति जातियों के लोगों की संख्या करीब 60 लाख है। अंबेडकर आवास योजना इसी वर्ग के लोगों के लिए है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीबों और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को अपना छत उपलब्ध करवाना राज्य सरकार का लक्ष्य है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति के परिवारों को आवास निर्माण के लिए सरकार की ओर से 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि तीन किस्तों में उपलब्ध करवाई जाती है। पिछले तीन वर्षों में इस योजना का लाभ लगभग 14 हजार परिवारों को मिला है। लेकिन, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अकेले इस वर्ष लगभग 7,080 अंबेडकर आवासों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है।

मुख्यमंत्री ने लक्ष्य को किया दोगुना
जाहिर कि राज्य के मुख्यमंत्री हर गरीब दलित परिवार को उनका अपना घर देने के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। इसलिए अंबेडकर आवास योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को पिछले दो वर्षों की तुलना में दोगुना कर दिया गया है। इस योजना के लाभार्थियों के लिए आवश्यक है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी वार्षिक आय 1,20,000 रुपये से अधिक और शहरी क्षेत्रों में 1,50,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह योजना गुजरात सरकार की सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की ओर से चलाई जाती है।

गुजरात सरकार की अंबेडकर आवास योजना ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हजारों परिवारों को अपनी छत दी है, जिससे ऐसे परिवारों ने स्वाभिमान के साथ रहना सीखा है। बनासकांठा के ठाकरसी हेंगड़ा ने कहा,

हम मजदूरी करके अपना जीवन-यापन करते थे। कच्चे घर में रहने वाले हमारे परिवार को मानसून के दौरान बहुत नुकसान होता था। लेकिन, हम सरकार की अंबेडकर आवास योजना के तहत मदद लेकर अपना घर तैयार कर अब खुशी से रह रहे हैं।

अंबेडकर आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ ई-समाजकल्याण वेबसाइट पर आवेदन करना होता। आवेदन की सरल प्रक्रिया के बाद मंजूरी आदेश और सहायता राशि की पहली किस्त का भुगतान भी सिस्टम के माध्यम से आवश्यक सत्यापन करने के बाद किया जाता है। थराद के सेंधाभाई परमार ने बताया कि

अंबेडकर आवास योजना के तहत गांव के करीब 40 परिवारों को यह सहायता दी गई है, जिससे यह झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब दलित परिवारों का आश्रय स्थल बन गया है। यह योजना वास्तव में बेघर परिवारों के लिए वरदान कही जा सकती है।

राज्य सरकार समाज कल्याण कार्यों के माध्यम से राज्य के विकास में प्रत्येक परिवार को आवास उपलब्ध कराकर उन्हें इसका भागीदार बनाने की कोशिश कर रही है। गुजरात सरकार की अंबेडकर आवास योजना राज्य के 50 लाख गरीब दलित परिवारों के लिए घर के सपने को साकार करने की योजना है।

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