ग्लेंडर वायरस का हमला: 6 घोड़ों की मौत के बाद जांच, 176 गधे-खच्चरों की रिपोर्ट निगेटिव
गांधीनगर। गुजरात के महिसागर जिले की संतरामपुर तहसील में घोड़ों की ग्लेंण्डर वायरस से हुई मौतों के बाद 176 गधे-खच्चरों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन पशुओं के नमूने पशुपालन विभाग ने जांच के लिए भेजे थे। बता दें कि, यहां ग्लेंण्डर रोग से ग्रस्त एक घोड़े की मौत हो गई थी। वहीं, पांच अन्य घोड़ों में संक्रमण फैल गया था, जिसके कारण उन्हें जहरीला इंजेक्शन देकर दूर जंगल इलाके में दफनाना पड़ा।

कोरोना के मुकाबले इसलिए बताया गया खतरनाक
कोरोना के मुकाबले इसे अधिक भयावह माना जा रहा है, क्योंकि इसे फैलने के लिए हवा ही पर्याप्त है। हवा से फैलते हुए यह इंसानों को भी अपना शिकार बना सकता है। इस वायरस की पुष्टि एक घोड़े की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद हुई। पहले लगा कि घोड़े को कोई सामान्य बीमारी है, लेकिन जांच के बाद वायरस के होने का पता लगा। फिर क्या था, ग्लैंडर्स से प्रभावित उस घोड़े की इलाज के दौरान ही मौत हो गई।

फिर, सभी घोड़ों को मार दिया गया
वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दूसरे घोड़ों की भी जांच हुई, जिसमें साथ रह रहे अन्य घोड़ों में भी वायरस के अंश मिले। सतर्कता दिखाते हुए वन विभाग की टीम ने जहरीला इंजेक्शन देकर उनको मौत के घाट उतार दिया।

क्षेत्र में अलर्ट जारी
यह वायरस फयादा न फैल सके, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए सभी पालतू जानवरों की चेकिंग के आदेश दिए हैं। इस मामले में खुद एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट फ्रंट-फुट पर आ गया है। आस-पास के सभी पालतू जानवरों की चेकिंग जारी है। घोड़ों के संपर्क में आने वाले लोगों की भी चेकिंग जारी है।

लगातार हो रही है सैंपलिंग
ग्लैंडर्स वायरस के आने के बाद से लगातार सैंपलिंग ली जा रही है। संतरामपुर शहर और तहसील में घोड़ों, खच्चरों और गधों को विशेष निगरानी में रखा गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अभी तक लगभग 200 जानवरों की सैंपलिंग हो चुकी है।












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