अफगानिस्तान से लौटे राजदूत ने जामनगर में कहा- वहां पर कितने भारतीय फंसे ये अंदाजा लगाना मुश्किल

जामनगर। अफगानिस्तान में तालिबानी लड़ाकों का कब्जा होने के बाद से भारत समेत कई देश वहां से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी कराने के लिए सरकार ने एड़ी चोट का जोर लगा दिया है। भारतीय वायुसेना के बड़े-बड़े विमान वहां से लोगों को भारत ला रहे हैं। हालांकि, वहां तालिबानी हमले हो रहे हैं और ऐसे में वहां से बच निकलना भी बड़ा मुश्किल हो गया है। अफगानिस्तान से एक विमान में भारत लौटे राजदूत रुद्रेन्द्र टंडन का कहना है कि, हमारी वतन वापसी विपरीत परिस्थितियों में हुई है, अब जो खुशी महसूस हो रही है...यह अकल्पनीय है।

भारत लौटे राजदूत ने सुनाई वापसी की दास्तान

भारत लौटे राजदूत ने सुनाई वापसी की दास्तान

भारतीय राजदूत रुद्रेन्द्र टंडन ने कहा कि, "दो सप्ताह के लम्बे संघर्ष और अनेक प्रयासों के बाद ही अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को वापस लाने का मिशन शांतिपूर्वक पूर्ण हुआ। किसी भी दुर्घटना के बगैर हम 192 नागरिकों को सुरक्षित भारत लाया गया है। अफगानिस्तान दूतावास से सभी विभागों से संपर्क किया गया था और अमेरिकी सुरक्षा-तंत्र की भी मदद ली गई थी। तालिबानियों को चकमा देने पर ही हमारी राह साफ हुई।"
बकौल रुद्रेन्द्र टंडन, "भारत सरकार ने वहां उच्चस्तरीय बैठकें की थी और सभी गतिविधियों की लगातार निगरानी कर भारतीयों की सुरक्षित वापसी के ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री से भी कॉल कर पर बात की थी। अब हमारी सरकार अफगानिस्तान में फंसे अन्य लोगों को भी निकालने में जुटी है।"

अभी कितने भारतीय फंसे, अंदाजा लगाना मुश्किल

अभी कितने भारतीय फंसे, अंदाजा लगाना मुश्किल

यह पूछ जाने पर कि अफगानिस्तान में अभी कितने भारतीय फंसे हुए हैं, रुद्रेन्द्र टंडन ने कहा कि "यह अंदाजा लगाना मुश्किल है। हालांकि, हमारी सरकार एवं संबंधित सुरक्षा एजेंसियां अफगानिस्तान की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। मेरा मानना है कि, जब तक काबुल हवाई अड्डा खुला हुआ है..और अमेरिकी कमांडोज वहां पर हैं..तब तक एयर इंडिया अपनी कमर्शियल सर्विस जारी रखेगी। हालांकि, अस्थायी रूप से एयर इंडिया को हवाई अड्डे की स्थितियों के कारण अपनी कमर्शियल सर्विस को निलंबित भी करना पड़ा था। उसके कुछ घंटों बाद काबुल एयरपोर्ट पर फिर से उड़ानें शुरू हुईं। और, हमारी भारत वापसी हुई।"

अफगानिस्तानियों को मदद जारी रखेंगे

अफगानिस्तानियों को मदद जारी रखेंगे

राजदूत ने कहा कि, "हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जो कोई भी अफगानिस्तान में फंसा हुआ है, उसे किसी तरह से भारत लाया जाए। इसको लेकर विदेश मंत्रालय में एक हेल्प डेस्क शुरू की गई है, जो पहले से ही ऑपरेट कर रही है।" अफगानिस्तानियों को मदद मुहैया कराने के सवाल पर भारतीय राजदूत ने कहा कि, हमारी सरकार कह चुकी है कि..अफगानियों की हरसंभव मदद की जाएगी। ऐसा नहीं है कि हमने अफगानिस्तान के लोगों को छोड़ दिया है। वहां के विकास-कार्य और हमारे रिश्ते..हमें खूब ध्यान है। कोशिश करेंगे कि हम उनके साथ बातचीत और काम-काज जारी रखें।

अगस्त 2020 में अफगान राजदूत बने थे रुद्रेन्द्र

अगस्त 2020 में अफगान राजदूत बने थे रुद्रेन्द्र

भारत सरकार ने रुद्रेन्द्र टंडन को अगस्त 2020 में काबुल में बतौर भारतीय राजदूत नियुक्त किया था। वहां जाकर इन्होंने अपना कार्यभार संभाला। यह 1994 बैच के अॅाफिसर रहे हैं। इससे पहले रुद्रेन्द्र आसियान सचिवालय में भारत के राजदूत थे। इसके अलावा फ्रांस, अल्जीरिया, रूस में भी काम कर चुके हैं।

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