कमाने-खाने मलेशिया गया गुजरात का युवक कोरोना लॉकडाउन में 25 दिन से फंसा था, अब सकुशल लौटा
आणंद। कमाने-खाने मलेशिया गया गुजरात का एक युवक कोरोना-काल के दौरान वीसा-अवधि खत्म होने के चलते स्वदेश नहीं लौट पा रहा था। वहीं फंसे उसे 25 दिन हो गए थे। उसने आणंद के सांसद मितेश पटेल के हवाले से केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद उसकी समस्या दूर हुई और फिर वह भारत लौटा। मलेशियाई विमान से वह दिल्ली उतरा। जहां से वापस अपने घर वडोदरा जिले के अनगढ़ गांव पहुंचा।

युवक का नाम हर्षदभाई गोहिल है। हर्षद का कहना है कि, वह मलेशिया एक कंपनी में नौकरी लग गया था। कंपनी ने जब उसे कोविड टेस्ट के लिए कैम्प में भेजा, तो वहां पुलिस ने उसके पासपोर्ट की जांच के बाद बताया कि, उसकी वीसा-अवधि पूरी हो चुकी है। जिसके लिए उसे इमिग्रेशन विभाग के हवाले कर दिया। तब हर्षद ने अपने मित्रों के जरिए परिवारीजनों को सूचना भेजी। उसके परिवार के सदस्यों ने आणंद के सांसद मितेश पटेल से सम्पर्क किया और कहा कि, उनके बेटे को भारत लाने में मदद करें। तब सांसद ने विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई। वहीं, मलेशिया के हाईकमीशन ऑफ इंडिया को भी जानकारी दी गई। इस तरह कई दिनों बाद उसके स्वदेश वापसी की राह खुली। हर्षद ने कहा कि, मैं वहां मुश्किल में पड़ गया था। एक तो कोरोना महामारी का खतरा था, दूसरे वीसा खत्म होने की वजह से भी दिक्कत हो गई थी।
दिल्ली लौटने पर हर्षद को सांसद मितेश पटेल के पीए ने रिसीव किया और उसे सांसद के निवास स्थान पर ही ले गया। जहां हर्षद ने एक दिन गुजारा। उसके बाद स्टाफ ने उनका वडोदरा के लिए रेलवे टिकट कराया। हर्षद ने वासद पहुंचकर सांसद से भेंट की और पिछले 25 दिनों से मलेशिया में फंसे होने पर मदद के लिए धन्यवाद दिया। उसने कहा कि, देश लौटकर उसे बुरे दिनों से छुटकारा मिला है।












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