International Yoga Day: सीएम योगी ने गोरखपुर से दिया संदेश- स्वस्थ मन, शरीर और आत्मा का नाम है योग
Yoga Day: 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर योगमय हो गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां योगाभ्यास कर जनमानस को योग की आत्मिक शक्ति से जोड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि यह आत्मा, मन और विचारों की शुद्धि का साधन है। भारत ने योग के जरिए दुनिया को शांति, संतुलन और समरसता का मार्ग दिखाया है।

उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसे वेदों, उपनिषदों और शास्त्रों में विस्तार से समझाया गया है। इस परंपरा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक पहचान मिली है।
योग में छिपा है शरीर, मन और आत्मा का संतुलन
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योग साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर, स्थिर मन और जाग्रत आत्मा-तीनों के समन्वय का नाम योग है। यह जीवन को अनुशासन और संतुलन प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने पहले आत्म कल्याण को प्राथमिकता दी और फिर लोक कल्याण के पथ पर आगे बढ़ते हुए संपूर्ण मानवता के लिए मार्ग प्रशस्त किया। योग इसी दिशा में एक कारगर माध्यम है।
योग को लेकर देशभर में दिखा उत्साह
योग दिवस के अवसर पर देशभर में राजनेताओं और अधिकारियों ने भी भागीदारी निभाई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में विदेशी राजनयिकों के साथ योग कर भारतीय विरासत को साझा किया।
सेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने दिल्ली छावनी में सैनिकों संग योगाभ्यास किया। बड़ी संख्या में जवानों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। देश के अलग-अलग हिस्सों से भी भागीदारी की तस्वीरें सामने आईं।
योग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयुष मंत्रालय ने इस वर्ष 10 प्रमुख 'सिग्नेचर इवेंट्स' आयोजित किए हैं। इनमें 'योग संगम', 'हरित योग', 'योगा बंधन' और 'संगयोग' जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
इन आयोजनों का मकसद समाज के हर वर्ग तक योग की उपयोगिता को पहुंचाना है। मंत्रालय का उद्देश्य है कि योग केवल एक विशेष वर्ग की चीज़ न रहकर हर नागरिक की जीवनशैली का हिस्सा बने।
योग से भारत ने दिखाई दुनिया को नई राह
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि योग भारतीय मनीषा की देन है। भारत ने योग को जनकल्याण का माध्यम बनाकर वैश्विक कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। यही कारण है कि आज विश्व के 190 से अधिक देश योग से जुड़ चुके हैं।
गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संबोधन भी सुना। इसके बाद उन्होंने उपस्थित योग प्रशिक्षुओं के साथ मिलकर विभिन्न योगासन और ध्यान का अभ्यास किया।
योगाभ्यास के इस आयोजन में राज्य सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और विधायक फतेह बहादुर सिंह सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।












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