गोरखपुरः मामी की कोख बांधने के शक में भांजे ने तांत्रिक को उतारा मौत के घाट
गोरखपुर। बीते सात अप्रैल को झाड़-फूंक करने वाले बुजुर्ग की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। अंधविश्वास में पड़े युवक ने मामी की कोख बांधने के शक में सोखा की हत्या कर दी। उसे दूसरे गांव के सोखा ने गांव के किसी सोखा पर कोख बांधने का शक जताया था। इसी बात से गुस्साए युवक ने मामी की कोख बांधने के आरोप में गांव के सोखा की दोस्त के साथ मिलकर बांका से गला रेतकर हत्या कर दी। एसपी दक्षिणी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सात अप्रैल की रात गोला के अहिरौली गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध चुन्नीलाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस ने दोनों युवकों को किया गिरफ्तार
उनके पौत्र की तहरीर के आधार पर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही थी। सोमवार की सुबह साढ़े छह बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो युवकों को बेलपार पाठक नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांका गांव में स्थित दरोगा लाल के पोखरे से बरामद किया गया। वहां पर खून से सना गमछा भी मिला।

दोनों आरोपित अच्छे दोस्त हैं
दोनों की पहचान बेलघाट इलाके के बेली खुर्द गांव के रहने वाले नगीना विश्वकर्मा और गोला इलाके के बाड़ेपार के रहने वाले प्रदुम्न यादव के रूप में हुई है। एसपी दक्षिणी ने बताया कि दोनों आरोपी मुन्ना और प्रदुम्न की अहिरौली गांव में ही ननिहाल है। उनके बीच गहरी दोस्ती है। मुन्ना की ननिहाल मृतक चुन्नीलाल के पट्टीदार रमाशंकर विश्वकर्मा के घर है। वह वहीं रहता रहा है। जबकि रामसिंह यादव के घर प्रदुम्मन की ननिहाल है। प्रदुम्न अपने ननिहाल में रहता था।

दूसरे तांत्रिक ने गांव के तांत्रिक पर जताया था शक
मुन्ना के मामा राजू बाहर नौकरी करते हैं। घर पर नाना रमाशंकर और मामी सुनीता रहती हैं। सुनीता को शादी के चौदह साल हो गए हैं। लेकिन कोई औलाद नहीं है। वहीं दूसरी तरफ मुन्ना की मां और भाई भी अक्सर बीमार रहते हैं। मुन्ना ने इस बारे में किसी सोखा से सम्पर्क किया, तो उसने बताया कि उसके ननिहाल पर कोई जादू-टोना किया गया है। मुन्ना को चुन्नीलाल पर शक हुआ। उसका शक तब यकीन में बदल गया, जब ननिहाल में उसने नींव खोदी तो उसमें कंकाल की खोपड़ी मिली थी।

पहले से घात लगाकर बैठे थे दोनों दोस्त
उसके बाद से ही उसने सोखा चुन्नी लाल को ठिकाने लगाने की ठान ली थी और मौके की तलाश में था। हत्या के लिए मुन्ना ने बांका भी खरीद लिया था। घटना वाली रात मुन्ना और प्रदुम्न दोनों खेत काटकर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर खलिहान में भूंसा देखने जा रहे सोखा चुन्नीलाल पर पड़ी। मुन्ना ने प्रदुम्न को बांका लाने को कहा और वह वहीं खड़ा होकर उसके लौटने का इंतजार करने लगा। जब सोखा घर लौटने लगा, तो उन्होंने उस पर बांका से हमला कर दिया। मुन्ना ने पहला बांका मारा तो सोखा पीछे हट गया, जिससे मुन्ना के हाथ में ही चोट लग गई।

पुलिस टीम को मुखबिर से मिली थी सूचना
दूसरे वार को रोकने में सोखा का हाथ का अंगूठा कट गया और तीसरे वार में उसका गला कट गया। उसके बाद बांका को पोखरे में डालकर वे घर आकर सो गए। पुलिस के मुताबिक प्रदुम्न कुछ महीने पहले ही लुधियाना से लौटा था। वह एक धागा बनाने वाली कम्पनी में काम करता था। लगभग छह माह पूर्व घर आ गया था। दोनों ही कम पढ़े-लिखे थे। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष गोला हेमेंद्र पाण्डेय, एसआई मो. कादिर, विवेक कुमार, का. सुभाष यादव, दिनेश कुमार, नीमा यादव शामिल थे।












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