DDU University और स्काई एम्पावरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुआ एमओयू, होंगे ये फायदे
Gorakhpur News: दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय (डीडीयू), गोरखपुर और (स्काई) एम्पावरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किया गया। यह एमओयू स्काई के प्रबंध निदेशक श्री पुनीत अग्रवाल और डीडीयू की माननीया कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
एमओयू का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्रों को संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के महत्व, सिद्धांत एवं अनुप्रयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान कर उनके रोजगार और उद्यमशीलता की संभावनाओं को बढ़ावा देना है।

*कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने एमओयू होने के पश्चात कहा कि विश्वविद्यालय अपने छात्र-छात्राओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। संचार कौशल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण हो गया है, ऐसे में इस एमओयू के माध्यम से यहाँ के विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, कौशल विकास एवं एआई के व्यावहारिक पक्ष को समझने में मदद मिलेगी*
यह समझौता *विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. शान्तनु रस्तोगी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवन्त राव, स्काई की सेंटर मैनेजर एवं एआई प्रशिक्षक -साक्षी त्रिपाठी, प्रो विजय शंकर वर्मा, प्रो. राजेश सिंह आदि लोग की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।*
एमओयू के पश्चात प्रबंध निदेशक पुनीत अग्रवाल ने बताया कि स्काई पिछले 16 वर्षों से स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के तहत 22,000 से अधिक छात्रों को संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास में सहायता प्रदान कर चुका है। इसके साथ ही स्काई ने 8,000 से अधिक छात्रों को नौकरी दिलाने में भी मदद की है। वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती महत्ता को देखते हुए, स्काई ने इसी साल एआई ट्रेनिंग भी शुरू की है। इस ट्रेनिंग के माध्यम से छात्र केवल एआई टूल्स की मदद से कंटेंट क्रिएशन, डिजाइनिंग, और वीडियो एडिटिंग जैसी चीज़ें बहुत कम समय और आसानी से सीख सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान एमओयू की कई प्रमुख बातें साझा की गईं। यह प्रशिक्षण डीडीयू परिसर में कार्यशालाओं और सेमिनारों के रूप में आयोजित किया जाएगा, जो छात्रों के लिए व्यावहारिक और उपयोगी अनुभव सुनिश्चित करेगा। स्काई इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सभी लागतों को वहन करेगा, जिससे छात्रों पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।












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