Sudan Crisis: सात सौ भारतीयों पर इस तरह मंडरा रही थी मौत, आप बीती सुन खड़े हो जाएंगे रोंगटे
Civil War in Sudan: सूडान में फंसे उत्तर प्रदेश के कई जिलों के 31 लोगों ने घर वापसी कर ली है। कुछ लोगों ने 'वन इंडिया हिन्दी' से बातचीत में आप बीती बताई है।

Sudan Crisis News Gorakhpur: सूडान संकट झेलने के बाद सकुशल अपने घर लौटे भारतीयों का दर्द सुन आप के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। आंखों से आंसू निकल आएगा। जब आपको पता चलेगा कि इन भारतीयों को एक नहीं सैकड़ों बार मौत छूकर निकल गयी। बिना खाये पिये एक कमने में कैसे कैद थे। चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ बम व गोलियों की आवाज थी। अपनों से मिलने का आस टूट चुका था, मौत कब गले लगा ले बस यही दिमाग में चल रहा था। गुरुवार को सूडान से गोरखपुर- बस्ती मंडल के 31 लोग अपने घर सकुशल पहुंचे। कुछ लोगों ने 'वन इंडिया हिन्दी' से बातचीत में आप बीती बताई।
जब कनपटी पर लगी थी बंदूक
गगहा के ढरसी गांव के रहने वाले देवनारायण ने आप बीती बताते हुए कहा कि मैं सकुशल अपने घर लौट आया हूं, यह अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है। कैसे उस मौत के मुंह से हम बाहर निकलकर यहां तक पहुंचे यह भी सपने जैसा है। उन्होंने बताया कि सूडान के खार्तून शहर स्थित इंडियन कंपनी ओमेगा स्टील में सात सौ भारतीय कार्यरत थे। 15 अप्रैल को अचानक से फरमान आता है और कंपनी बंद कर दी जाती है। सभी को अंदर रहने की हिदायत दी जाती है। कुछ ही देर में सीआरएसएफ के जवान घुसें। उन्होंने बारी- बारी सभी की कनपटी पर गन लगा दी। जान मारने की धमकी देते हुए नगदी, पर्स, मोबाइल सहित कई सामान लूट ले गए।
घर वालों से मिलने की टूट रही थी आस खोराबार के हथिया परास गांव के रहने वाले जनार्दन त्रिपाठी ने बताया कि एक बार सामान लूटने के बाद वे चले गए। फिर कुछ देर बाद ही आए और दोबारा जान मारने की धमकी दी। दिन में एक नहीं कई बार कनपटी पर बंदूक रखी जाती थी। हर बार यही लगता की अब अंतिम सांस हैं। मन ही मन घर वालों से मिलने की आस टूट रही थी।
चारो तरफ हो रही थी बमबारी देवरिया के विनोद शाह बताते हैं कि एक सप्ताह का समय कैसे बीता यह सोच कर भी डर लगता है। चारों तरफ बम व गोलियों की आवाज थी। अत्याधुनिक असलहों से मिल रही जान मारने की धमकी किसी मौत से कम नहीं थी। कभी एक टाइम कुछ खाने को मिलता कभी वो भी नहीं भूख प्यास से आधे मर चुके थे।

सात सौ भारतीयों पर हर पल मंडरा रही थी मौत कुशीनगर के राणा प्रताप सिंह बताते हैं कि हम सात सौ भारतीयों पर मौत हर पल मंडरा रही थी। कब गोली लग जाए और मौत हो जाए बस यहीं डर सताता था। चारो तरफ बस डर का माहौल था। सुक्र है केंद्र व प्रदेश सरकार का, पीएम मोदी व सीएम योगी का कि आज हम अपने घरवालों के बीच में हैं। जान सुरक्षित है। यह हम सभी के लिए नये जीवन के समान है। दुआ करते हैं जो भी लोग वहां अभी फंसे हैं जल्द से जल्द सकुशल अपने घर आ जाए।












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