गोरखपुर: गठबंधन प्रत्याशी रामभुआल बोले, संजय निषाद का भाजपा से 50 करोड़ का हुआ लेन-देन
गोरखपुर। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) की तारीखों के ऐलान के साथ ही निषाद पार्टी ने सपा-गठबंधन का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। निषाद पार्टी के गठबंधन से अलग होने के बाद गोरखपुर सदर सीट से सपा के प्रत्याशी घोषित हुए पूर्व मंत्री रामभुआल निषाद ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि संजय निषाद ने भाजपा से 50 करोड़ रुपये लेकर सौदेबाजी की है।

अखिलेश यादव ने किया निषादों का सिर ऊंचा
पूर्व मंत्री व गठबंधन प्रत्याशी रामभुआल निषाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक निषाद को प्रत्याशी बनाकर पूरे समाज का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। सपा की नीतियां और विकास कार्य आज भी लोगों को याद हैं। रामभुआल ने कहा कि पूर्व मंत्री जमुना निषाद के साथ हर बार छल करके उन्हें चुनाव हरवा दिया जाता था। इसी का नतीजा रहा कि पिछले उपचुनाव में गठबंधन के साथ निषादों ने कदम मिलाकर भाजपा को शिकस्त दी थी।

निषाद पार्टी का निषादों से कोई लेना देना नहीं
उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद का निषाद समाज से कोई लेना-देना नहीं है। वह सिर्फ समाज के लोगों को ठगने और बेचने के अभियान में निकले हैं। निषाद समाज इस अपमान का बदला जरूर लेगा। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी और पीस पार्टी का कोई मतलब नहीं है।

संजय निषाद ने भाजपा से लिए पैसे
समाजवादी पार्टी, बसपा और लोकदल का गठबंधन है...ये गठबंधन भारतीय जनता पार्टी को रोकने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी के लोग आये थे और गठबंधन किया। लेकिन गठबंधन से कुछ सीटों की मांग को लेकर सहमति न बनने पर तीसरे दिन डा. संजय के सुर बदल गए। उन्होंने मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ से पैसा लेकर ये सब कुछ किया है।












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