DDU University: महिला दिवस पर आयोजित हुआ खास कार्यक्रम, डॉक्टर ने लोगों से की अपील
International Women's Day Latest News DDU University: इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डा. नीना अस्थाना (MBBS DGO) ने नारी को सृजन करता और समाज की धुरी बताया। साथ ही साथ सामाजिक दृष्टिकोण को इंगित करते हुए बताया कि हमें समाज को ऐसे बनाना है जहां बेटी और बेटा दोनो एक समान हो और दोनो का जन्म हर्ष का विषय हो। उन्होंने ने महिलाओं की शिक्षा, समानता, रोजगार, तथा सम्मान पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा एक आर्थिक स्वावलम्बन का आधार है और हर महिला को स्वावलम्बी होना आवश्यक है। इन्होने बेटी के साथ-2 बहू को पढ़ाने पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम की विशिष्ट अतिधि प्रशाली गंगवार (पुलिस उपाधीक्षक उ.प्र.पु.) ने कहा जहां महिला का सम्मान होता है वहां समृद्धि होती है। इन्होने महिलाओं के प्रति सामाजिक बदलाव को आवश्यक बताया और इस बदलाव के लिये पारिवारिक संस्था को उचित स्थान बताया। इन्होने महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने तथा उनसे जुड़े अपराधों को रोकने के लिये प्रशासन और न्यायपालिका की भूमिका को सामंजस्य पूर्ण बताया ।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डा.) जितेन्द्र मिश्र, अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता, विधि विभाग के द्वारा किया गया। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विचार रखते हुए इन्होंने कहा कि अगर महिलाएं समाज में असुरक्षित महसूस करती हैं तो ये समाज के लिए एक गम्भीर चिन्तन का विषय है। हमें इस प्रकार कार्य करने की आवश्यकता है जिससे महिलाओं को बराबर सम्मान मिले। इन्होने महिला शक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि जब युद्ध में राजा दशरथ के रथ का धुरी टूट गया था तब रानी ने अपना हाथ उस धुरी के स्थान पर लगा दिया और रथ चलने लगा ।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ आचार्य, प्रो. (डा.) चन्द्रशेखर, विधि विभाग ने महिला दिवस पर बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि हमारे देश की राष्ट्रपति, प्रदेश की राज्यपाल तथा विश्वविद्यालय की कुलपति एक महिला हैं और यह एक महिला ससक्तीकरण का उदाहरण है।
विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं अविष्ठाता प्रो. (डा.) अहमद नसीम ने कहा कि महिला बराबर है यह कहने की जरूरत नहीं है, यदि महिलाएं न हों तो समाज के अस्तित्व पर खतरा है। इस कार्यक्रम का संचालन डां.वंदना सिंह, स्वागत डा. टी. एन. मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. मेनका ने किया।












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