Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Gorakhpur News: सूखे की मार झेल रहे किसानों को सीएम योगी से उम्मीद,कर रहे यह मांग

किसान की सबसे बड़ी पूंजी उसकी फसल होती है। उसी की नींद सोता है और जागता है। वही उसकी मुस्कान होती है। मानसून के दगा देने के बाद अब किसानों की उम्मीद टूटती नजर आ रही है। किसान बारिश के अभाव में बेहाल हैं। धूप में फसल जलकर

गोरखपुर,27 अगस्त: किसान की सबसे बड़ी पूंजी उसकी फसल होती है। उसी की नींद सोता है और जागता है। वही उसकी मुस्कान होती है। मानसून के दगा देने के बाद अब किसानों की उम्मीद टूटती नजर आ रही है। किसान बारिश के अभाव में बेहाल हैं। धूप में फसल जलकर पीली हो रही है।किसान इस बार पैदावार की उम्मीद छोड़ चुके हैं।निराशा उनके चेहरे पर साफ दिख रही है।एक ही आश और उम्मीद के सहारे उनका जीवन भी कट रहा है और वह है सरकार से मदद। गोरखपुर मंडल के सभी जिले सूखे की चपेट में हैं।

Recommended Video

    मानसून के दगा देने के बाद अब किसानों की उम्मीद टूटती नजर आ रही है
    farmers cm

    क्या कहते हैं किसान
    गोरखपुर के सभी जिले सूखे की चपेट में हैं।गोरखपुर के चरगांवा ब्लांक के जंगल तिकोनिया के रहने वाले वैजनाथ,चुनमुन मौर्य व सदानंद प्रजापति बताते हैं कि बारिश न होने से धान की फसल बर्बाद हो गयी।फसल पीले पड़ रहे हैं।पिछले कई सालों बाद ऐसा हुआ जब इतनी कम बारिश हुई है।वहीं पिपराइच विधान सभा के सेखवनिया गांव के राजेश,गुड़िया,कावेरी,फूलमती का कहना है कि इस बार धान होने की कोई गुंजाइश नहीं है।सब कुद बर्बाद हो गया है।अब तो खाने के भी लाले पड़ गए है।सिर्फ और सिर्फ सरकार का ही सहारा है।
    महराजगंज के ग्राम मटकोपा रहने वाले वाले किसान जन्दू विश्वकर्मा,सोहन निषाद,विद्या गोड़,धर्मेन्द्र मद्धेशिया का कहना है कि इस बार फसल का न हो बुरे सपने जैसा है।सूखे ने सारी फसल बर्बाद कर दी है।74 वर्षीय किसान निजामुद्दीन का कहना है कि अपने गांव में इस तरह का सूखा नहीं देखा था।रामपुर निवासी फेंकू प्रसाद,राजेश,उमेश,मोती लाल का कहना है कि अब सरकार की योजना और आर्थिक मदद से ही कुछ राहत संभव है। देवरिया के रहने वाले महेन्द्र,राजन,अशोक,केदार का कहना है कि बारिश न होने के बाद कई बार पंपिग सेट से पानी चलाया।लेकिन दो-चार दिन बाद ही फसल सूख जाती थी।मंहगाई इतनी है कि बहुत देर तक पानी चलाना संभव नहीं है। कुशीनगर के राकेश कुमार,विजय,अम्बिका,सुरेन्द्र का कहना है कि अब सरकार की सहायता से ही किसानों का भला संभव है।मौसम ने तो पूरी फसल बर्बाद की कर दी है।

    सरकार से आर्थिक मदद की उम्मीद
    इस साल कम बारिश होने से गोरखपुर समेत कई जिले के किसान सूखे की मार झेल रहे हैं। सिंचाई के अभाव में फसलों को भारी नुकसान हो गया है। पीड़ित किसान इस आस में है कि जिला सूखा घोषित हो जाए तो उन्हें राहत के रूप में कुछ आर्थिक मदद मिल जाएगी।

    क्या है सूखा राहत में सुविधा
    सूखे पड़ने पर शासन से सूखा घोषित होने के बाद किसानों को डीजल में सब्सिडी दी जाती है और वसूली, लगान स्थगित कर दी जाती है। साथ ही दलहन व तिलहन की फसलों का बीज निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। कुछ आर्थिक मदद मिल जाती है।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+