Gorakhpur News: अन्तर्राष्ट्रीय बाल दिवस पर आयोजित 'समागम समिट' की अगुवाई करेगा गोरखपुर
Gorakhpur News: बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और शोषणमुक्त जीवन सहित उनके हर एक अधिकार पर मंथन के लिए सूबे की राजधानी लखनऊ में 20 नवम्बर को 'समागम' समिट का आयोजन होगा, जिसकी अगुवाई गोरखपुर जिला कर रहा है ।
अन्तर्राष्ट्रीय बाल दिवस के मौके पर गोरखपुर की अगुवाई में यह एक ऐसा मंच होगा जहां प्रदेश सरकार के मंत्रीगण व अधिकारीगण के साथ कार्पोरेट और स्वयंसेवी संगठन बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एकत्रित होंगे । महिला एवं बाल विकास विभाग के दिशा निर्देशन में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में समन्वित भागीदारी की कार्ययोजना तैयार होगी ताकि प्रत्येक बच्चे को उसका हर अधिकार मिल सके । सीएम योगी आदित्यनाथ की नीतियों से प्रेरित होकर गोरखपुर से इस आयोजन की पहल हुई है। लखनऊ शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में प्रस्तावित इस आयोजन का शुभारंभ प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक करेंगे ।

महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्या के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग के उच्चाधिकारीगण की मौजूदगी में हो रहे 'समागम' समिट में चार अलग अलग पैनल डिस्कसन होंगे जिनमें शिक्षा, उद्योग, पत्रकारिता, स्वयंसेवा जैसे क्षेत्रों से जुड़ीं प्रतिष्ठित हस्तियां प्रतिभाग करेंगी। केंद्र सरकार में राज्य मंत्री कौशल किशोर और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद भी समागम का हिस्सा बनेंगे । वह केंद्र व राज्य सरकार के जरिये जरूरतमंद बच्चों के लिए हो रहे प्रयासों के बारे में बात रखेंगे । समागम के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा होगी और इन योजनाओं को समन्वित सहयोग देने के बारे में भी बात होगी।
बनाएंगे सामूहिक सहमति
समिट की अगुआई कर रही गोरखपुर से जुड़ी स्वयंसेवी संस्था सेफ सोसाइटी के अध्यक्ष विश्व वैभव शर्मा का कहना है कि सामाजिक व शैक्षिक तौर पर वंचित बच्चों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए सरकार व उसके विभाग, कार्पोरेट एवं स्वयंसेवी संगठन पूरे प्रदेश में प्रयासरत हैं । प्रायः यह देखा गया है कि तीनों में कई बार समन्वय के अभाव के कारण तीनों माध्यमों से एक ही प्रकार की मदद पहुंच जाती है । कई बार जरूरी सहयोग ही नहीं पहुंच पाते हैं । 20 नवम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय बाल दिवस मनाया जाता है । इसी दिन एक मंच पर बैठ कर सभी पक्षों में सामूहिक सहमति और समन्वय के प्रयास होंगे। यह तय किया जाएगा कि किन बच्चों को कहां पर और कितनी मदद की जरूरत है । इन्हें पूरी करने के साथ साथ गैप्स को कैसे दूर किया जाए ।
यह संगठन करेंगे प्रतिभाग
महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग के अधिकारीगण, आईटीसी ग्रुप लखनऊ, अमूल, पराग, कानूनविद ओएन तिवारी, शिक्षाविद प्रोफेसर आभा, उद्यमी संजय गुप्ता, यूनिसेफ, एचसीएल फाउंडेशन और सीफार समेत दर्जनों संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारी और प्रतिनिधिगण
पैनल में इन मुद्दों पर होगा विमर्श
• प्रदेश में बाल शिक्षा के लिए संभावित समेकित प्रयास
• बाल श्रम व बाल तस्करी के लिए चुनौतियां व रणनीति
• बाल स्वास्थ्य और बाल पोषण की प्राथमिकताएं
• युवा सशक्तिकरण, बाल विवाह की रोकथाम एवं बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं












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