मुख्यमंत्री योगी के क्षेत्र को वाटर प्लस श्रेणी में लाने की तैयारी,स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिग में होगा सुधार
मुख्यमंत्री योगी के शहर को और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ने नई तैयारी की है।अब शहर को वाटर प्लस श्रेणी में लाया जाएगा।इसके लिए महानगर में स्थित सभी सेप्टिक टैंकों को तीन वर्ष में खाली या साफ करा दिया जाएगा। इसके अतिरिक
गोरखपुर, 25 जुलाई : मुख्यमंत्री योगी के शहर को और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ने नई तैयारी की है।अब शहर को वाटर प्लस श्रेणी में लाया जाएगा।इसके लिए महानगर में स्थित सभी सेप्टिक टैंकों को तीन वर्ष में खाली या साफ करा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त चोक सीवर, सीवेज के रिसाव, पानी से संबंधित सभी स्वच्छता या स्थानीय ऐप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को समयबद्ध रूप से निस्तारित किया जाएगा।

स्वच्छ सर्वेक्षण में ओडीएफ प्लस प्लस (++) शहर की श्रेणी हासिल कर लेने के बाद नगर निगम, अब शहर को वाटर प्लस श्रेणी में लाने की तैयारी में जुट गया है। वाटर प्लस शहर का दर्जा हासिल कर लेने के बाद नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में 1000 अंक हासिल हो जाएंगे। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग बेहतर होगी।
इसमें उपचारित पानी का कम से कम 25 प्रतिशत उपयोग बागवानी, कृषि, उद्योग या सड़कों की धुलाई में प्रयोग किया जाना है। इसके साथ ही सीवर मेनहोल और सीवर कक्षों को प्रतिवर्ष कम से कम एक बार पूरी तरह साफ करना आवश्यक है, ताकि ओवरफ्लो न होने पाए। सभी नालों का समुचित रख-रखाव किया जाए। साथ ही सीवर और सेप्टिक टैंक को यांत्रिक रूप से साफ किया जाना चाहिए। इन पर आने वाले लागत व्यय के अनुसार वसूली भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि गोरखपुर प्रदेश का तेजी से विकसित हो रहा शहर है।ऐसे में महानगर को वाटर प्लस की श्रेणी में लाने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। महानगर वासियों से अपील है कि अपने शौचालयों के सेप्टिक टैंकों को पंजीकृत संचालकों अथवा नगर निगम की मशीनों के माध्यम सें प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार साफ कराएं, ताकि सेप्टिक टैंकों से निकले सीवेज का निस्तारण व्यवस्थित प्लांट के माध्यम से करते हुए उपचारित किया जा सके।












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